20 साल बाद बदला नीतीश कुमार का पता, 1 अणे मार्ग छोड़ 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट

बिहार की सियासत में दो दशकों तक सत्ता का केंद्र रहा मुख्यमंत्री आवास अब बदलने जा रहा है। लंबे समय तक ‘1 अणे मार्ग’ से शासन चलाने वाले नीतीश कुमार अब 7 सर्कुलर रोड स्थित नए आवास...

20 साल बाद बदला नीतीश कुमार का पता, 1 अणे मार्ग छोड़ 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट

बिहार की सियासत में लंबे समय तक ‘1 अणे मार्ग’ से शासन चलाने वाले नीतीश कुमार अब 7 सर्कुलर रोड स्थित नए आवास में शिफ्ट हो रहे हैं, जिसे उनकी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

‎घरेलू वस्तुएं ‘1 अणे मार्ग’ से 7 सर्कुलर रोड पहुंचाई जा रही हैं

‎शुक्रवार सुबह शिफ्टिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। ट्रैक्टर के जरिए टेबल, कुर्सियां, गमले, फोल्डिंग सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं ‘1 अणे मार्ग’ से 7 सर्कुलर रोड पहुंचाई जा रही हैं। वहीं नए बंगले को सजाने के लिए फूलों की मालाएं भी मंगाई गई हैं। इससे पहले 10 अप्रैल को भी कुछ सामान यहां शिफ्ट किया गया था।करीब 20 वर्षों तक ‘1 अणे मार्ग’ बिहार की सत्ता का केंद्र रहा। इसी आवास से नीतीश कुमार ने राज्य के विकास की नीतियां तय कीं और कई बड़े राजनीतिक फैसले लिए। यह बंगला राज्य की राजनीति के कई अहम घटनाक्रमों का गवाह रहा है।

‎कोलकाता से विशेष घास मंगाई गई

‎बता दें कि अब जिस 7 सर्कुलर रोड आवास में वे जा रहे हैं, वह आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। यह भवन भूकंपरोधी है और इसके लॉन को खास लुक देने के लिए कोलकाता से विशेष घास मंगाई गई है। फिलहाल इस भवन का उपयोग मुख्यमंत्री कार्यालय (CM Office) के रूप में हो रहा था।दिलचस्प बात यह है कि इस शिफ्टिंग के बाद नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव पड़ोसी बन जाएंगे। राबड़ी देवी का आवास यहां से महज दो घर की दूरी पर है और दोनों के बीच करीब 200 मीटर का फासला होगा।

‎दोबारा सत्ता में वापसी की रणनीति बनाई

इस बंगले से नीतीश कुमार का पुराना जुड़ाव भी रहा है। 2014 लोकसभा चुनाव के बाद जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा और जीतनराम मांझी को जिम्मेदारी दी, तब वे इसी 7 सर्कुलर रोड आवास में रहने आ गए थे। बाद में यहीं से उन्होंने दोबारा सत्ता में वापसी की रणनीति बनाई और 2015 विधानसभा चुनाव जीतकर फिर मुख्यमंत्री बने।हालांकि विपक्ष के आरोपों के बाद इस बंगले को मुख्य सचिव के नाम आवंटित कर दिया गया था, लेकिन इसे नीतीश कुमार की देखरेख में आधुनिक और सुरक्षित तरीके से विकसित किया गया।अब राज्यसभा जाने के बाद उनका यहां शिफ्ट होना सिर्फ आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में उनकी नई भूमिका का संकेत भी माना जा रहा है।