सीएम नीतीश को Z+ सुरक्षा:, राज्यसभा जाने की तैयारी,13 अप्रैल तक दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा
बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी उन्हें Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी।इस संबंध में बिहार सरकार के गृह विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। खास बात यह है कि इस अधिसूचना में मुख्यमंत्री के संभावित....
बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी उन्हें Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी।इस संबंध में बिहार सरकार के गृह विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। खास बात यह है कि इस अधिसूचना में मुख्यमंत्री के संभावित इस्तीफे और उनके अगले राजनीतिक कदम का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
त्याग-पत्र देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे
जारी पत्र के अनुसार, नीतीश कुमार जल्द ही बिहार विधान परिषद की सदस्यता और मुख्यमंत्री पद से त्याग-पत्र देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, वे 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं, जबकि 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है।गृह विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा के लिए योग्य पाया गया है। यह कानून संवेदनशील और विशिष्ट व्यक्तियों को उनकी स्थिति के आधार पर विशेष सुरक्षा कवर देने का प्रावधान करता है।
8 या 9 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं
विभाग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके लंबे कार्यकाल और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है।पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नीतीश कुमार वर्तमान में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और जल्द ही औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण करेंगे।बताया जा रहा है कि वे 8 या 9 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं, जहां 10 अप्रैल को शपथ ग्रहण होगा। इससे पहले, उन्होंने 30 मार्च को MLC पद से इस्तीफा देकर अपने अगले राजनीतिक कदम के संकेत दे दिए थे।गौरतलब है कि साल 2005 में बिहार की सत्ता संभालने के बाद से नीतीश कुमार लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे। करीब 20 साल तक सदन में रहने के बाद उन्होंने महज 29 शब्दों में विधान परिषद को अलविदा कहा, जो अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।













