NEET पेपर लीक और फर्जी MBBS एडमिशन रैकेट का भंडाफोड़, RJD नेता समेत 4 गिरफ्तार
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर दिल्ली से बड़ा खुलासा सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है,....
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर दिल्ली से बड़ा खुलासा सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मेडिकल छात्रों और उनके परिवारों को NEET का प्रश्न पत्र दिलाने और MBBS में एडमिशन कराने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर रहा था। इस मामले में RJD के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल को कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। पुलिस ने उनके साथ तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
परीक्षा से पहले रचा गया था पूरा खेल
पुलिस जांच के अनुसार, 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा से पहले गिरोह ने कई राज्यों के छात्रों और उनके अभिभावकों से संपर्क किया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास परीक्षा का असली प्रश्न पत्र मौजूद है और वे मेडिकल कॉलेज में सीट भी सुनिश्चित करा सकते हैं। इसके बदले परिवारों से 20 से 30 लाख रुपये तक की डिमांड की गई।गिरोह ने कई अभिभावकों से एडवांस रकम, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, आधार दस्तावेज और हस्ताक्षर किए गए खाली चेक तक ले लिए। छात्रों को दिल्ली, महिपालपुर और गाजियाबाद के अलग-अलग ठिकानों पर रखा गया था, ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके और उन्हें “गोपनीय प्रक्रिया” का हिस्सा बताया जा सके।
18 छात्रों को छुड़ाया गया
दिल्ली पुलिस ने सूरत पुलिस से मिली इनपुट के बाद तकनीकी निगरानी शुरू की। इसके बाद महिपालपुर के होटल और गाजियाबाद के फ्लैट में छापेमारी कर 18 छात्रों को इस गिरोह के चंगुल से बाहर निकाला गया। इनमें कई छात्र नाबालिग बताए जा रहे हैं।जांच में सामने आया कि जिस प्रश्न पत्र को असली NEET पेपर बताकर बेचा जा रहा था, वह दरअसल पुराने वर्षों के प्रश्न पत्र और कोचिंग सामग्री को जोड़कर तैयार किया गया था। पुलिस ने मौके से 149 पन्नों की फर्जी प्रश्न-उत्तर सामग्री भी बरामद की है।
ऐसे काम करता था पूरा नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, गिरोह में हर आरोपी की अलग भूमिका थी।संतोष कुमार जायसवाल पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था।डॉक्टर अखलाक आलम कथित फर्जी प्रश्न पत्र तैयार करता था।संत प्रताप सिंह लॉजिस्टिक और व्यवस्था संभालता था।विनोद पटेल छात्रों और परिवारों तक पहुंच बनाने का काम करता था।चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह रैकेट केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित आर्थिक लेनदेन की जांच में जुटी है।NEET जैसी बड़ी परीक्षा के नाम पर हो रही इस ठगी ने एक बार फिर छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के पेपर लीक या एडमिशन गारंटी के झांसे में न आएं।













