20 नवंबर तक ढाई लाख घरों की छत पर लगेगा सोलर पैनल, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से क्या होगा लाभ..?
बिजली उत्पादन में पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बना बिहार अब 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, और लोगों का बिजली बिल शून्य करने के लिए बड़ी पहल कर रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तह 20 नवंबर तक ना सिर्फ राज्य के ढाई लाख घरों की छत पर सोलर पैनल लगेगा, बल्कि सोलर पैनल के जरिये 125 यूनिट से ज्यादा उत्पादित बिजली को राज्य सरकार खरीदकर लोगों को आर्थिक रूप से सबल भी बनाएगी।
DESWA DESK : बिजली उत्पादन में पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बना बिहार अब 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, और लोगों का बिजली बिल शून्य करने के लिए बड़ी पहल कर रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तह 20 नवंबर तक ना सिर्फ राज्य के ढाई लाख घरों की छत पर सोलर पैनल लगेगा, बल्कि सोलर पैनल के जरिये 125 यूनिट से ज्यादा उत्पादित बिजली को राज्य सरकार खरीदकर लोगों को आर्थिक रूप से सबल भी बनाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों स कहा है कि ऐसी व्यवस्था बनाएं कि सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरा होने पर अगले 20 नवंबर 2027 तक 25 लाख घरों को मुफ्त बिजली योजना का फायदा मिल सके। मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना कार्य का भी शुभारंभ किया है। 1278 करोड रुपये की लागत से ऊर्जा प्रक्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में बिहार विद्युत उपभोक्ताओं को सबसे अधिक सब्सिडी 23000 करोड़ रूपये और सबसे सस्ता बिजली देनेवाला राज्य है। वर्ष 2005 में बिहार में बिजली की खपत मात्र 400 से 500 मेगावाट थी, वह अब बढ़कर वर्तमान में 9000 मेगावाट हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1512 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के कार्य का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ, सस्ती एवं सतत ऊर्जा उपलब्ध कराना तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर नेहरू पथ स्थित विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 1278 करोड रूपये की लागत से ऊर्जा प्रक्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर कार्यारंभ, उद्घाटन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व विद्युत भवन के चतुर्थ स्थल पर स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर का मुआयना किया। मुआयना के क्रम में अधिकारियों ने स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में लगे डिस्प्ले पर पूरे बिहार में हो रहे रियल टाइम विद्युत कंजप्शन के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंगेरए मुजफ्फरपुरए भागलपुर एवं नालंदा जिले से जुड़कर पीएम सूर्य घर बिजली योजना के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान लाभार्थियों ने बताया कि उनके घर के छत पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगने से काफी फायदा होगा। अब उन्हें बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। इससे पैसे की जो बचत होगी इसका इस्तेमाल बच्चों के पढ़ाई में होगा। सोलर पैनल लगने से अब हमारे घर में बिजली की निर्बाध आपूर्ति होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत ढाई लाख लोगों के घरों पर सोलर पैनल लगाने की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 तक बिहार में बिजली का कनेक्शन मात्र 17 लाख था वह बढ़कर 2 करोड़ 22 लाख हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मूल मंत्र गरीबों को सस्ती सुलभ एवं निर्बाध बिजली की आपूर्ति उपलब्ध कराना है। जिन उपभोक्ताओं के घर के छत पर लगे सोलर पैनल से 125 यूनिट से ज्यादा बिजली का उत्पादन होगा उनसे राज्य सरकार बिजली खरीदकर उन्हें आर्थिक रूप से सबल बनायेगी।
ऊर्जा विभाग को ऐसी ऑटोमेटिक व्यवस्था खड़ी करनी चाहिए ताकि जरूरत से ज्यादा बिजली का उत्पादन होने पर उसे लिया जा सके और उसके एवज में उपभोक्ता के खाते में राशि स्वतः चली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 तक जिस बिहार में मात्र 400 से 500 मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति हुआ करती थी, अब यहां 9000 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है जो 13 गुना से अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल 20 नवंबर 2026 को पूरा होने तक ढाई लाख परिवारों के घरों के छत पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य पूर्ण करें। अगले 31 मार्च तक भारत सरकार ने 482000 घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। ऐसी व्यवस्था खड़ी करें कि सरकार के 2 वर्ष का कार्यकाल 20 नवंबर 2027 को पूरा होने तक बिहार के 25 लाख परिवारों के घरों तक मुफ्त बिजली का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने 2 सेक्टर में काफी अच्छा काम किया है, एक बिजली की आपूर्ति में और दूसरी बेहतर ग्रामीण सड़कों के निर्माण में। बिहार में 85 प्रतिशत लोग गांव में रहते हैं। बिहार के विभिन्न हिस्सों में 12 टाउनशिप भी विकसित किया जा रहा है। अगले मार्च तक इसे जमीन पर उतारने का काम शुरू हो जाएगा।













