NEET छात्रा मौत मामला:पुलिस की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस, CCTV, FSL रिपोर्ट और दवा बरामदगी पर कई अहम खुलासे
राजधानी पटना को झकझोर देने वाले एक गंभीर मामले में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसकी संदिग्ध मौत को लेकर पटना पुलिस ने जांच की स्थिति स्पष्ट की है। इस मामले में पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अब तक की जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं।पटना IG जितेंद्र राणा, SSP कार्तिकेय के. शर्मा और सिटी SP ने मीडिया को बताया कि पीड़िता के परिजनों.....
राजधानी पटना को झकझोर देने वाले एक गंभीर मामले में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसकी संदिग्ध मौत को लेकर पटना पुलिस ने जांच की स्थिति स्पष्ट की है। इस मामले में पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अब तक की जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं।पटना IG जितेंद्र राणा, SSP कार्तिकेय के. शर्मा और सिटी SP ने मीडिया को बताया कि पीड़िता के परिजनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिवत अनुसंधान शुरू किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच किसी एक बिंदु तक सीमित नहीं है, बल्कि हर संभावित पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
CCTV फुटेज को सुरक्षित कर उनकी तकनीकी जांच
पुलिस के अनुसार, घटना स्थल से जुड़े हॉस्टल परिसर और आसपास के सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित कर उनकी तकनीकी जांच की गई है। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की मदद से भी वैज्ञानिक जांच कराई गई है। इस क्रम में गार्ड, वार्डन, हॉस्टल की अन्य छात्राओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के बयान भी दर्ज किए गए हैं।जांच के दौरान पीड़िता के कमरे से एक दवा बरामद की गई है। वहीं, परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए पीड़िता के पांच कपड़े भी जांच के लिए उपलब्ध कराए गए।
पीड़िता के एक वस्त्र से जैविक साक्ष्य
फॉरेंसिक जांच को लेकर पुलिस ने बताया कि FSL की जांच में पीड़िता के एक वस्त्र से जैविक साक्ष्य (वीर्य) मिलने की पुष्टि हुई है। इस साक्ष्य का डीएनए प्रोफाइलिंग और मिलान की प्रक्रिया जारी है।पुलिस ने बताया कि परिजनों के अनुसार पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी, जिसे जांच के दृष्टिकोण से एक अहम तथ्य माना जा रहा है।
परिजन प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर सहमत नहीं
SSP कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि शुरुआती तौर पर परिजन प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर सहमत नहीं थे, लेकिन प्रभात मेमोरियल अस्पताल से प्राप्त सूचना के आधार पर मामला दर्ज किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चित्रगुप्त नगर थाना की SHO की भूमिका में लापरवाही पाई गई है, जिस पर विभागीय कार्रवाई की गई है।वहीं, SDPO सचिवालय-1 अनु कुमारी ने बताया कि अनुसंधान के दौरान अस्पताल से “लामा रिपोर्ट” जब्त कर केस डायरी में शामिल की गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच वैज्ञानिक, तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाई जा रही है।













