अब चालान नहीं, सीधा लाइसेंस सस्पेंड: बिहार में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती
अगर आप बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाते हैं, ओवरस्पीडिंग करते हैं या फिर कागजात अपडेट नहीं रखते, तो अब संभल जाइए। बिहार में यातायात नियमों की अनदेखी अब सिर्फ चालान.....
अगर आप बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाते हैं, ओवरस्पीडिंग करते हैं या फिर कागजात अपडेट नहीं रखते, तो अब संभल जाइए। बिहार में यातायात नियमों की अनदेखी अब सिर्फ चालान तक सीमित नहीं रही। नियमों को बार-बार तोड़ने पर सीधे ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन और रद्द जैसी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
राज्य के परिवहन विभाग ने ट्रैफिक नियमों का लगातार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 52,678 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 4,514 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि 165 लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं।
बार-बार नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई की जद में अधिकतर वे वाहन चालक हैं जिन्होंने एक ही नियम को बार-बार तोड़ा। हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनना, ओवरस्पीडिंग करना और वाहन के जरूरी कागजात नहीं रखना सबसे आम उल्लंघन पाए गए हैं।
मुजफ्फरपुर में 6 हजार से अधिक लाइसेंस होंगे सस्पेंड
मुजफ्फरपुर जिले में 6,143 ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब तक यहां 872 लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं, जबकि 30 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।वहीं, भागलपुर जिले में 9,766 लाइसेंस निलंबन की सूची में शामिल हैं।
पटना में सबसे बड़ी कार्रवाई तय
राजधानी पटना में यातायात नियमों के उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। यहां 34,561 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाने की तैयारी है।इसके मुकाबले लखीसराय में सबसे कम मामले सामने आए हैं, जहां केवल दो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई प्रस्तावित है।
निलंबन के दौरान वाहन चलाया तो जुर्माना और सख्ती
एमवीआई राकेश रंजन ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर उनकी अनुशंसा के बाद ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि निलंबन अवधि में वाहन चलाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर इसके बावजूद नियम तोड़े गए, तो ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिया जाएगा।हालांकि, यदि चालक निलंबन अवधि के दौरान वाहन नहीं चलाता और किसी तरह का उल्लंघन नहीं करता है, तो तीन महीने बाद निलंबन स्वतः समाप्त हो जाता है।
सड़क सुरक्षा ही सख्ती का मकसद
परिवहन विभाग का कहना है कि इस सख्ती का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।













