बिहार में गैस की मार, बिजली पर वार! 4900MW पहुंची खपत,पटना सबसे आगे

मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता, लेकिन बिहार में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान बढ़ते ही घरों में पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर (AC) तेजी से चलने लगे हैं। इसका सीधा असर बिजली खपत पर पड़ा है, जिसने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।पिछले साल जहां मार्च के अंत तक बिजली की खपत करीब 500 मेगावाट के आसपास रहती थी, वहीं इस बार यह ....

बिहार में गैस की मार, बिजली पर वार! 4900MW पहुंची खपत,पटना सबसे आगे

मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता, लेकिन बिहार में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान बढ़ते ही घरों में पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर (AC) तेजी से चलने लगे हैं। इसका सीधा असर बिजली खपत पर पड़ा है, जिसने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।पिछले साल जहां मार्च के अंत तक बिजली की खपत करीब 500 मेगावाट के आसपास रहती थी, वहीं इस बार यह आंकड़ा पहले ही पार हो चुका है। मौजूदा समय में पूरे बिहार में बिजली की खपत करीब 4900 मेगावाट तक पहुंच गई है।

गैस संकट ने बढ़ाया दबाव
बिजली की इस बढ़ती मांग के पीछे सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि रसोई से जुड़ा ‘गैस संकट’ भी बड़ी वजह बनकर उभरा है। एलपीजी सिलेंडर की अनिश्चित आपूर्ति और बढ़ती कीमतों के कारण अब लोग इंडक्शन चूल्हे और इलेक्ट्रिक उपकरणों का सहारा ले रहे हैं। इससे घरेलू बिजली खपत में अचानक इजाफा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि पूरे बिहार में बिजली की खपत करीब 4900 मेगावाट तक पहुंच गई है। जिसमें अकेले पटना जिला 600 से 650 मेगावाट के साथ सबसे आगे है। वहीं अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो  मुजफ्फरपुर 210 मेगावाट, गया 243 मेगावाट और पूर्णिया 128 मेगावाट की औसत खपत दर्ज कर रहे हैं

1000 मेगावाट पार करने की तैयारी
बिजली कंपनी के मुताबिक, पिछले साल पटना में अधिकतम खपत 883 मेगावाट थी, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 1000 मेगावाट को भी पार कर सकता है। मार्च के दूसरे पखवाड़े से ही AC, कूलर और पंखों के लगातार चलने से लोड तेजी से बढ़ रहा है।ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को 31 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इंजीनियरों को ‘जीरो ट्रिपिंग’ सुनिश्चित करने का टास्क दिया गया है, ताकि गर्मी के पीक समय में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।पेसू की टीमें लगातार ट्रांसमिशन लाइनों और ट्रांसफार्मरों की जांच कर रही हैं। साथ ही ग्रिड की स्थिरता और वोल्टेज सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे पीक ऑवर्स के दौरान बिजली का संयम से उपयोग करें ताकि सिस्टम पर अत्यधिक बोझ न पड़े