आय से 118% ज्यादा संपत्ति! पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन से EOU की पूछताछ

अभिषेक कुमार रंजन बुधवार सुबह करीब 11 बजे पटना स्थित EOU दफ्तर पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ के लिए 50 से अधिक..

आय से 118% ज्यादा संपत्ति! पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन से EOU की पूछताछ

‎बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में किशनगंज के पूर्व नगर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें पटना स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है।अभिषेक कुमार रंजन बुधवार सुबह करीब 11 बजे पटना स्थित EOU दफ्तर पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ के लिए 50 से अधिक सवालों की सूची तैयार की है।

‎50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति

‎EOU के अनुसार, अभिषेक रंजन पर अपनी आय से करीब 118 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। गौरतलब हो कि इससे पहले 14 अप्रैल 2026 को EOU की 5 टीमों ने एक साथ पटना, छपरा, सिलीगुड़ी और मुजफ्फरपुर स्थित उनके 5 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति, जमीन और आलीशान मकानों का खुलासा हुआ था।सूत्रों के अनुसार, 16 साल की सेवा के दौरान उन्होंने करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई। जांच एजेंसी को संदेह है कि यह संपत्ति पद के दुरुपयोग और अवैध नेटवर्क के जरिए अर्जित की गई।

‎माफिया कनेक्शन की जांच

‎प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अभिषेक रंजन के स्थानीय बालू माफिया, एंट्री माफिया, शराब माफिया और तस्करों से संबंध थे। इनसे हुई अवैध कमाई को जमीन, मकान और बेनामी संपत्तियों में निवेश किया गया।जांच में मुजफ्फरपुर के कांटी क्षेत्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली एनसीआर और सिलीगुड़ी में संपत्तियों का पता चला है। दार्जिलिंग रोड पर जमीन और सिलीगुड़ी में फ्लैट की खरीद के दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच हो रही है।

‎कैसे खुला मामला:

‎यह मामला तब सामने आया जब किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही थी। इसी दौरान अभिषेक रंजन का नाम भी सामने आया। जांच में दोनों के करीबी संबंधों के संकेत मिले हैं।अभिषेक कुमार रंजन वर्ष 2009 में बिहार पुलिस में दारोगा के रूप में नियुक्त हुए थे। उन्होंने मोतिहारी, पटना और किशनगंज में सेवाएं दीं। वर्ष 2023 में उन्हें पदोन्नत कर पुलिस निरीक्षक बनाया गया था।

‎EOU ने उनके खिलाफ डीए (Disproportionate Assets) केस दर्ज किया है। विभागीय कार्रवाई के तहत पहले उन्हें लाइन हाजिर किया गया और बाद में निलंबित कर दिया गया। पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी विवेकानंद ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड किया