रैलियों में भीड़, नतीजों में हार—तेजस्वी का कैंपेन नहीं आया काम
देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। BJ P ने पश्चिम बंगाल और असम में जीत दर्ज की है, जबकि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने सत्ता हासिल की है। तमिलनाडु में TVK ने बाजी मारी, तो वहीं पुडुचेरी में AINRC को जीत मिली है।इन चुनावों में तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल,...
देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। BJ P ने पश्चिम बंगाल और असम में जीत दर्ज की है, जबकि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने सत्ता हासिल की है। तमिलनाडु में TVK ने बाजी मारी, तो वहीं पुडुचेरी में AINRC को जीत मिली है।इन चुनावों में तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में प्रचार किया, लेकिन उनके समर्थन वाले दलों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
पश्चिम बंगाल: 12 में से 1 सीट पर जीत
वहीं राजद के X हैंडल द्वारा किए गए पोस्ट के अनुसार तेजस्वी यादव ने ममता बनर्जी के समर्थन में 12 सीटों पर प्रचार किया, लेकिन TMC को सिर्फ 1 सीट पर जीत मिली। बता दें कि ममता ने राजद के साथ कोई चुनावी गठबंधन नहीं किया था। वहीं राजद को एक भी सीट पर अपने प्रत्याशी उतारने का मौका भी नहीं मिला लेकिन तेजस्वी विपक्षी एकजुटता के नाते ममता के लिए चुनाव प्रचार करने गए, उनके साथ रोड शो किया, लेकिन उन्हें वोट नहीं दिला सके।
भवानीपुर: ममता बनर्जी भाजपा के Suvendu Adhikari से हार गईं।
चांपदानी: अरिंदम गुइन भाजपा के दिलीप सिंह से 3026 वोट से हारे।
बाली: कैलाश मिश्रा भाजपा के संजय कुमार सिंह से हार गए।
हावड़ा उत्तर: गौतम चौधरी 11,250 वोटों से हारे।
हावड़ा दक्षिण: नंदिता चौधरी 7,828 वोटों से जीत गईं (इकलौती जीत)।
बारानगर: सायंतिका बनर्जी 16,956 वोटों से हारीं।
जोरासांको: विजय उपाध्याय 5,797 वोटों से हारे।
नोआपाड़ा: त्रिणांकुर भट्टाचार्य 17,656 वोटों से हारे।
बैरकपुर: राज चक्रवर्ती 15,822 वोटों से हारे।
खरदाहा: देवदीप पुरोहित 24,486 वोटों से हारे।
भाटपाड़ा: अमित गुप्ता 22,807 वोटों से हारे।
जगतदल: सोमनाथ श्याम 16,835 वोटों से हारे।
तमिलनाडु: DMK के लिए प्रचार, मिला मिला-जुला परिणाम
वहीं बंगाल के अलावा तेजस्वी यादव ने M. K. Stalin के साथ मंच साझा करते हुए DMK के लिए प्रचार किया।
कोयंबटूर उत्तर: TVK के वी. संपतकुमार 21,992 वोटों से जीते।
कोयंबटूर दक्षिण: DMK के वी. सेंथिल बालाजी 2,271 वोटों से जीते।
मेट्टुपालयम: TVK के सुनीलानंद जीते।
मदुराई सेंट्रल: TVK के मधर बधुरुद्दीन 19,128 वोटों से जीते।
बता दें कि तेजस्वी ने तमिलनाडु में खासकर उन इलाकों में रैलियां की जहां हिंदी भाषी लोगों की अच्छी आबादी है। उत्तर भारत से बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार रहते हैं। इनमें कोयंबटूर उत्तर, कोयंबटूर दक्षिण, मेटुपालयम और मदुराई सेंट्रल सीट प्रमुख हैं। हिंदी भाषी और प्रवासी वोटर्स वाले इलाकों में रैलियों के बावजूद DMK को सीमित सफलता मिली।
केरल: RJD का खाता खुला, लेकिन LDF हारी
केरल में Left Democratic Front सत्ता से बाहर हो गया, जबकि UDF ने जीत दर्ज की।केरल में आरजेडी ने उन इलाकों को टारगेट किया जहां उत्तर भारतीय (ज्यादातर बिहारी) बसे हैं। पार्टी मुख्य रूप से कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड जैसे शहरों में एक्टिव है। इस इलाके में प्रवासी मजदूरों और उत्तर भारतीयों की संख्या अधिक है।तेजस्वी यादव ने यहां प्रचार करते हुए कहा, 'मैं बिहार से आया हूं, जो सबसे गरीब राज्य है। बिहार में हम केरल का उदाहरण देते हैं कि ऐसा राज्य बनना चाहिए।'
यहां RJD ने 3 सीटों पर उम्मीदवार उतारे:
वडकारा: के. के. रेमा जीतीं, RJD दूसरे स्थान पर।
कूथुपरम्बा: RJD के पी. के. प्रवीण 1,286 वोटों से जीते।
कल्पेट्टा: कांग्रेस के टी. सिद्दीक 45,031 वोटों से जीते, RJD दूसरे स्थान पर। बता दें कि तीन राज्यों में प्रचार के बावजूद Tejashwi Yadav अपने सहयोगी दलों को निर्णायक जीत दिलाने में सफल नहीं रहे। बंगाल में कमजोर प्रदर्शन, तमिलनाडु में सीमित असर और केरल में मिश्रित नतीजों ने यह साफ कर दिया कि बाहरी प्रचार हर बार चुनावी जीत की गारंटी नहीं होता।













