चुनाव नतीजों पर गरमाई सियासत, रोहिणी आचार्य ने जताई आपत्ति
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत को लेकर एनडीए खेमे में उत्सव का माहौल है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों..
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत को लेकर एनडीए खेमे में उत्सव का माहौल है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और परिणामों पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इस परिणाम को “ईवीएम और मशीनरी मैनेजमेंट” का नतीजा बताते हुए निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया सत्ता पक्ष के प्रभाव में रही, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हुई।
आज के दौर की झांसी की रानी
इसी बीच राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को “आज के दौर की झांसी की रानी” बताते हुए उन्हें संघर्षशील नेता के रूप में चित्रित किया। रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि चुनाव में “हेराफेरी और धांधली” जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, उन्होंने इसे लोकतंत्र की लड़ाई करार देते हुए कहा कि यह हार नहीं, बल्कि आगे की रणनीति के लिए एक सीख है। उन्होंने लिखा है कि एक अकेली महिला ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, एजेंसियों और संसाधनों से लैस तंत्र के खिलाफ संघर्ष किया।
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 206 सीटों पर जीत दर्ज की
गौरतलब है कि मतगणना के अनुसार पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 206 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 81 सीटें मिली हैं। अन्य दलों में कांग्रेस को 2, आम जनता उन्नयन पार्टी को 2, सीपीआईएम को 1 और ऑल इंडिया सेक्यूलर फ्रंट को 1 सीट प्राप्त हुई है। । बता दें कि 4 मई को चुनाव आयोग की ओर से पांच राज्यों में हुई मतगणना के आंकड़ों जारी किए गए हैं। इनमें सबसे अहम पश्चिम बंगाल का परिणाम रहा।













