गोपालगंज और गया के बाद मुजफ्फरपुर में 'ऑपरेशन लंगड़ा', पुलिस की आक्रामक रणनीति, 24 घंटे में तीसरा एनकाउंटर

ताजा मामला मुजफ्फरपुर का है, जहां चर्चित प्रॉपर्टी डीलर अंकित रंजन उर्फ प्रभात मिश्रा हत्याकांड के नामजद आरोपी और वैशाली के कुख्यात शूटर अमित कुमार को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अमित के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है।

गोपालगंज और गया के बाद मुजफ्फरपुर में 'ऑपरेशन लंगड़ा', पुलिस की आक्रामक रणनीति, 24 घंटे में तीसरा एनकाउंटर

DESWA DESK :  बिहार में बेलगाम अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अब आक्रामक रणनीति अपना ली है। राज्य में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस की आक्रामक रणनीति का असर यह है कि पिछले 24 घंटे के भीतर सूबे में तीसरा एनकाउंटर हुआ है।

ताजा मामला मुजफ्फरपुर का है, जहां चर्चित प्रॉपर्टी डीलर अंकित रंजन उर्फ प्रभात मिश्रा हत्याकांड के नामजद आरोपी और वैशाली के कुख्यात शूटर अमित कुमार को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अमित के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वैशाली का कुख्यात अपराधी अमित कुमार अपने एक साथी के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बाइक से आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने भटौलिया पुल के पास सघन वाहन जांच शुरू कर दी। इसी दौरान बाइक से आ रहे अमित ने जैसे ही पुलिस की बैरिकेडिंग देखी, उसने भागने की कोशिश की।

पुलिस ने पीछा किया तो खुद को घिरता देख अमित ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ राउंड फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली अमित के पैर में लगी और वह बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे दबोच लिया, हालांकि उसका एक साथी अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा बुधवार सुबह खुद ग्राउंड जीरो (घटनास्थल) पहुंचे और पूरे इलाके का निरीक्षण किया। इसके बाद वे सीधे एसकेएमसीएच अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायल आरोपी से कड़ी पूछताछ की। एसएसपी के मुताबिक, अमित कुमार हाल ही में हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर अंकित रंजन हत्याकांड का मुख्य शूटर है। पूछताछ में कई सफेदपोशों और साजिशकर्ताओं के नाम सामने आए हैं, जिसके बाद अन्य शूटरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है।

बिहार पुलिस का यह बदला हुआ सख्त तेवर अपराधियों के मन में खौफ पैदा कर रहा है। पिछले 24 घंटे के भीतर राज्य में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले, गोपालगंज जिले में शराब तस्करों के खिलाफ छापेमारी  में पुलिस की गोली कुख्यात तस्कर के जबड़े में लगी, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया।

वहीं, गयाजी जिले में 48 लाख रुपये की बड़ी ज्वेलरी लूट में पुलिस ने घेराबंदी कर दो अपराधियों के पैर में गोली मारी और दोनों को दबोच लिया। अब मुजफ्फरपुर में प्रॉपर्टी डीलर अंकित रंजन हत्याकांड  के मुख्य शूटर अमित कुमार को मुठभेड़ के दौरान पैर में लगी गोली है। 

मुजफ्फरपुर के इस एनकाउंटर ने साफ संकेत दे दिया है कि बिहार पुलिस अब अपराधियों के सामने बैकफुट पर रहने के मूड में नहीं है। आला अधिकारियों की तरफ से साफ निर्देश है कि अगर अपराधी गोली चलाएंगे, तो पुलिस की तरफ से भी माकूल और सख्त जवाब दिया जाएगा। इस कड़े संदेश से अपराधियों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।