आरा की बहू ने दिल्ली में लिख दी नई इबारत! अब दुनिया के बाजार में दिखेगा ‘Made in Bharat’

बिहार के आरा की बहू और हिंदी साहित्यकार डॉ. अमरीन खान ने MSME मंत्रालय की बैठक में Made in India की जगह Made in Bharat लिखने का सुझाव दिया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने जताई सहमति।

आरा की बहू ने दिल्ली में लिख दी नई इबारत! अब दुनिया के बाजार में दिखेगा ‘Made in Bharat’

‘मेड इन इंडिया’ तो बहुत सुना होगा, अब ‘मेड इन भारत’ की बारी है!

दुनिया के बाजार में भारत का सामान बिके, तो उस पर नाम भी भारत ही लिखा हो| आरा की बहू ने दिल्ली में एक बहुत ही दिलचस्प बहस छेड़ दी है|

बिहार के आरा से दिल्ली पहुंची एक आवाज ने इस बार देश की भाषा और पहचान को लेकर एक दिलचस्प बहस छेड़ दी है और ये आवाज़  हिंदी साहित्यकार डॉ. अमरीन खान की है|

डॉ अमरीन खान की बात बहुत ही छोटी लग सकती है, लेकिन इसके पीछे अपनी भाषा, अपनी पहचान और अपने देश के नाम को लेकर एक खूबसूरत सोच छिपी है जो तारीफ़ के काबिल है|

आरा की बहू और हिंदी साहित्यकार डॉ. अमरीन खान इन दिनों अपने एक सुझाव को लेकर चर्चा में हैं। मौका था नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित MSME मंत्रालय की बैठक का। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अमरीन खान ने सुझाव दिया कि भारत में बनने वाले MSME उत्पादों पर अब तक लिखे जाने वाले ‘Made in India’ की जगह ‘Made in Bharat’ लिखा जाना चाहिए।

उनका तर्क भी दिलचस्प था। जब भारत के उत्पाद दुनिया के बाजार में अपनी जगह बना रहे हैं, जब देश की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही है, तो उन उत्पादों पर अपने देश का हिंदी नाम ‘भारत’ क्यों न दर्ज हो?

मतलब सामान भारत का, मेहनत भारत की, पहचान भारत की हो तो फिर नाम लिखने में भी अपनी भाषा का मान क्यों न रखा जाए?

अमरीन खान की इस बात पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी सहमति जताई है उन्होंने प्रधानमंत्री से इस विषय पर बातचीत करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।  यह सुझाव सरकारी फैसले में बदलेगा या नहीं, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन आरा की इस बहू ने दिल्ली की एक बड़ी बैठक में भाषा और पहचान का सवाल जरूर पहुंचा दिया है। और शायद कभी-कभी देश की पहचान बदलने के लिए बड़े भाषण की नहीं बल्कि एक छोटा सा सुझाव ही काफी होता है।

रिपोर्ट एंव लेखन : वसीम रज़ा