बिहार बंद के दौरान सिवान में भारी बवाल : उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को बनाया निशाना, स्थिति पर काबू पाने को दस राउंड फायरिंग 

सिवान में लगातार पथराव कर रहे और पुलिस को निशाना बना रहे उपद्रवी तत्वों पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और जब प्रदर्शन कर रहे उपद्रवी इससे भी नहीं माने तो सिवान पुलिस को दस राउंड से अधिक फायरिंग करनी पड़ी।

बिहार बंद के दौरान सिवान में भारी बवाल : उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को बनाया निशाना, स्थिति पर काबू पाने को दस राउंड फायरिंग 

DESWA DESK : नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र पधान के इस्तीफे और आंदोलनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ शनिवार को बिहार बंद के दौरान कई जिलों में हिंसा की खबर है। सिवान समेत बिहार के आधा दर्जन जिलों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं। 

सिवान में लगातार पथराव कर रहे और पुलिस को निशाना बना रहे उपद्रवी तत्वों पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और जब प्रदर्शन कर रहे उपद्रवी इससे भी नहीं माने तो सिवान पुलिस को दस राउंड से अधिक फायरिंग करनी पड़ी।

प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए भारी पथराव में सिवान के एसपी पूरन झा के भी चोटिल हो गए हैं, जबकि आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।  बंद के दौरान सिवान में स्थिति सबसे अधिक विस्फोटक हो गई, प्रदर्शनकारियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में सिवान एसपी पूरन झा के हाथ पर पत्थर लगा, जिससे वे चोटिल हो गए।

अनियंत्रित भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने पहले कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को दस राउंड से अधिक फायरिंग करनी पड़ी। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है।

दरअसल, शुरूआत में बिहार बंद सामान्य रहा और बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला सुबह 11 बजे तक दुकानें खुली रहीं और गाड़ियां भी सड़कों पर सामान्य दिनों की तरह चलती रहीं, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही आंदोलन हिंसक होता गया। 

औरंगाबाद में भी प्रदर्शनकारी छात्रों ने पथराव किया, जिसमें एक पत्रकार का सिर फट गया। इस दौरान स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। वहीं पटना में डाकबंगला चैराहा के पास प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया ओर पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। 

प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करनी पड़ी। सबसे ज्यादा बवाल सिवान में देखने को मिला है, जहां स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद भी जब प्रदर्शनकारियों ने पथराव जारी रखा तो पुलिस को करीब दस राउंड फायरिंग करनी पड़ी। 

राज्य पुलिस मुख्यालय प्रदर्शनकारियों के उग्र रूख के खिलाफ पूरी तरह सख्त हो गया है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी, ड्रोन फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए पथराव व उपद्रव करने वाले हर एक उपद्रवी की पहचान की जा रही है। किसी भी सूरत में उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी सख्त कार्रवाई की जाएगी।