सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला : चार रूटों पर रैपिड ट्रेन के लिए डीपीआर को हरी झंडी, पटना एम्स का भी होगा विस्तार
परिवहन के साथ-साथ सम्राट कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया है। राजधानी के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान पटना एम्स के विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस विस्तार से अस्पताल में बेडों की संख्या, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और ओपीडी की क्षमता बढ़ेगी, जिससे बिहार और पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज और आसानी से मिल सकेगा।
DESWA DESK : बिहार में सफर की रफ्तार और कनेक्टिविटी को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। राजधानी पटना से राज्य के चार प्रमुख शहरों के बीच अब रैपिड रेल चलाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने इन चार अलग-अलग रूटों पर रैपिड ट्रेन चलाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।
कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब पटना से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गयाजी के बीच का सफर न सिर्फ बेहद कम समय में तय होगा, बल्कि यह बिहार के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए भी गेम चेंजर साबित होगा। रैपिड रेल पारंपरिक भारतीय रेलवे और मेट्रो के बीच की कड़ी होती है। इसकी रफ्तार सामान्य ट्रेनों से काफी अधिक (लगभग 130 से 160 किमी प्रति घंटा) होती है, जिससे दो शहरों के बीच घंटों का सफर मिनटों में सिमट जाता है।
परिवहन के साथ-साथ सम्राट कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया है। राजधानी के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान पटना एम्स के विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस विस्तार से अस्पताल में बेडों की संख्या, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और ओपीडी की क्षमता बढ़ेगी, जिससे बिहार और पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज और आसानी से मिल सकेगा।
राज्य के युवाओं और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के संकल्प के तहत कैबिनेट ने तीन अलग-अलग जिलों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए सरकार की ओर से आवश्यक भूमि निशुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया है। जल्द ही इन जिलों में जमीन ट्रांसफर कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। बुधवार को हुई इस कैबिनेट बैठक में इसके अलावा भी जनहित से जुड़े कई अन्य अहम एजेंडों पर मुहर लगाई गई है, जो इस प्रकार हैं :-













