पटना में STF की बड़ी कार्रवाई: मोतिहारी मेयर के पति और पूर्व राजद प्रत्याशी देवा गुप्ता की गिरफ्तारी से पुलिस को मिली बड़ी सफलता

बिहार में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट में छापेमारी कर एसटीएफ की टीम ने एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी देवा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था और कई गंभीर आपराधिक मामलों.............

पटना में STF की बड़ी कार्रवाई: मोतिहारी मेयर के पति और पूर्व राजद प्रत्याशी देवा गुप्ता की गिरफ्तारी से पुलिस को मिली बड़ी सफलता

बिहार में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट में छापेमारी कर एसटीएफ की टीम ने एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी देवा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था और कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।

हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू 
गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 303 पर दबिश दी, जहां से देवा गुप्ता को पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।देवा गुप्ता मोतिहारी नगर निगम की मेयर प्रीति कुमारी के पति हैं और राजद के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भी रह चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।बता दें कि मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने देवा गुप्ता को कुख्यात अपराधी घोषित करते हुए उन पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था। उनके खिलाफ हत्या, रंगदारी, जमीन कब्जा समेत कुल 28 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वे दो महत्वपूर्ण मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे थे।

100 कुख्यात अपराधियों की एक ‘हिट लिस्ट’ 
अपराध पर नियंत्रण के लिए मोतिहारी पुलिस ने 100 कुख्यात अपराधियों की एक ‘हिट लिस्ट’ तैयार की थी, जिसमें शराब माफिया, भू-माफिया, हत्या और लूट जैसे मामलों में शामिल अपराधियों के नाम शामिल थे। इस सूची में देवा गुप्ता का नाम सबसे ऊपर रखा गया था, जिससे उनकी आपराधिक गतिविधियों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।देवा गुप्ता की गिरफ्तारी को पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस अब उनसे पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और अन्य फरार अपराधियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।