बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत: बकाया बिल के ब्याज (सरचार्ज) की पूरी माफी का संकेत
बिहार के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने बकाया बिजली बिल पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज (सरचार्ज) को पूरी तरह माफ करने की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं। अब उपभोक्ताओं को सिर्फ मूल बकाया राशि का भुगतान करना पड़ सकता है, जबकि वर्षों से बढ़ता चला आ रहा भारी ब्याज माफ किया...
बिहार के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने बकाया बिजली बिल पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज (सरचार्ज) को पूरी तरह माफ करने की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं। अब उपभोक्ताओं को सिर्फ मूल बकाया राशि का भुगतान करना पड़ सकता है, जबकि वर्षों से बढ़ता चला आ रहा भारी ब्याज माफ किया जा सकता है।
विधानसभा में उठा मुद्दा, सरकार ने दिए स्पष्ट संकेत
विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कई विधायकों ने बढ़ते बिजली बकाया और उस पर लग रहे चक्रवृद्धि ब्याज को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह ब्याज गंभीर बोझ बनता जा रहा है।इस पर ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है और ब्याज माफी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि उपभोक्ताओं को केवल मूल राशि जमा करनी पड़ सकती है।
समाधान योजना 2025-26 के तहत बड़ी राहत
राज्य सरकार की ‘समाधान योजना 2025-26’ के अंतर्गत एकमुश्त बकाया भुगतान करने पर सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक छूट देने की घोषणा की गई है।
पहले चरण में 60% से 100% तक सरचार्ज छूट, दूसरे चरण में 50% से 90% तक सरचार्ज छूट,अब सरकार पूर्ण ब्याज माफी की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी।
किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग,मध्यम वर्गीय उपभोक्ता,लंबे समय से बकाया बिल के कारण परेशान ग्राहक।नई व्यवस्था लागू होने पर उपभोक्ताओं को केवल मूल बकाया राशि का भुगतान करना होगा। जिससे सरचार्ज का बढ़ता बोझ पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।राज्य सरकार पहले ही 125 यूनिट तक घरेलू बिजली मुफ्त देने की घोषणा कर चुकी है। अब बकाया बिल के ब्याज की माफी से गरीब और मध्यम वर्ग को दोहरी राहत मिलने जा रही है।













