लखनऊ के अलीगंज में भीषण आग, कोचिंग और लाइब्रेरी में फंसे दर्जनों छात्र; डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके अलीगंज में सोमवार दोपहर करीब दो बजे एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में इमारत की दूसरी मंजिल पर चल रहे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में मौजूद दर्जनों छात्र-छात्राएं और कर्मचारी अंदर ही फंस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बिल्डिंग धुएं के गुबार और लपटों से घिर गई। इस भयावह स्थिति में जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदे एक छात्र के पेट में लोहे की ग्रिल घुस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

लखनऊ के अलीगंज में भीषण आग, कोचिंग और लाइब्रेरी में फंसे दर्जनों छात्र; डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर 

DESWA DESK : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके अलीगंज में सोमवार दोपहर करीब दो बजे एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में इमारत की दूसरी मंजिल पर चल रहे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में मौजूद दर्जनों छात्र-छात्राएं और कर्मचारी अंदर ही फंस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बिल्डिंग धुएं के गुबार और लपटों से घिर गई। इस भयावह स्थिति में जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदे एक छात्र के पेट में लोहे की ग्रिल घुस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म राहत कार्य में जुटे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया। चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, इस तीन मंजिला इमारत के ग्राउंड और पहले फ्लोर पर एक पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) और क्लीनिक है। दोपहर करीब दो बजे अचानक पेट शॉप के गोदाम में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।

इमारत की दूसरी मंजिल पर लर्निंग स्पेस नाम की एक लाइब्रेरी, कोचिंग और हेड हॉपर स्टूडियो संचालित हो रहा था। आग लगने के वक्त यहां बड़ी संख्या में छात्र और एनिमेटर मौजूद थे। हादसे के बाद इमारत के बाहर अपनों की तलाश में पहुंचे परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। आलमबाग से भागे-भागे आए प्रभजोत सिंह ने रुंधे गले से बताया कि मेरा बेटा इस स्टूडियो में एनिमेशन आर्टिस्ट है। सवा दो बजे उसका फोन आया। बोला- पापा बचा लीजिए, यहां आग लग गई है। मैं सब छोड़कर यहां भागा आया।

कोचिंग और ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी मोहम्मद आसिन ने मौत के मुंह से निकलकर आपबीती सुनाई। आसिन ने बताया कि हम लंच करने के बाद काम कर रहे थे, तभी किसी ने शोर मचाया कि आग लग गई है, ऑफिस खाली करो। पहले लगा छोटी-मोटी आग होगी, लेकिन जब तक हम संभलते, रास्तों और कमरों में दमघोंटू काला धुआं भर चुका था। जीना पूरी तरह ब्लॉक हो गया। मैंने खिड़की से लटक रहे बिजली के तार को पकड़ा और किसी तरह नीचे उतरा। आसिन के मुताबिक, जब वह नीचे आए तब भी अंदर करीब 15 से 20 लोग फंसे हुए थे।

आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पीछे के रास्ते से अंदर घुसना नामुमकिन था। फायर ब्रिगेड के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए बिल्डिंग के पीछे की पक्की दीवार को कटर और हथौड़ों से तोड़ा, ताकि फंसे हुए लोगों को वेंटिलेशन मिल सके और रेस्क्यू का रास्ता साफ हो। मौके पर करीब 14 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं और अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।

मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि यह बेहद दुखद घटना है। कोचिंग सेंटर और ऑफिस में आग लगने के बाद हमारी प्राथमिकता सभी बच्चों और नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है। ज्यादातर बच्चों को रेस्क्यू कर लिया गया है। कुछ और बच्चों के अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए फायर और पुलिस की टीमें ऑक्सीजन मास्क पहनकर एक-एक कमरे की सघन जांच कर रही हैं। घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।

शाम 4.30 बजे तक मिली जानकारी के मुताबिक, पूरी बिल्डिंग जलकर खाक हो चुकी है। प्रशासनिक अफसर और पुलिस बल मौके पर डटे हुए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरी चरण में है। आग लगने के सटीक कारणों (शॉर्ट सर्किट या अन्य) की जांच की जा रही है।