रक्षा मंत्री से श्रेयसी सिंह ने कर दी बड़ी डिमांड, बिहार में इस क्षेत्र में होगा बड़ा निवेश.. डिफेंस कॉरिडोर से क्या होगा लाभ..? 

आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। बैठक में राज्य के पारंपरिक हस्तशिल्प एवं हैंडलूम क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। श्रेयसी सिंह ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्र निर्माण, युवाओं के सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास एवं जनहित से जुड़े समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही, बिहार में डिफेंस कॉरिडोर एवं डीआरडीओ की स्थापना की संभावनाओं पर भी सार्थक विमर्श किया, जिससे राज्य में रक्षा क्षेत्र आधारित उद्योगों एवं रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकें।

रक्षा मंत्री से श्रेयसी सिंह ने कर दी बड़ी डिमांड, बिहार में इस क्षेत्र में होगा बड़ा निवेश.. डिफेंस कॉरिडोर से क्या होगा लाभ..? 

DELHI : प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बिहार की उद्योग सह खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने नई दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिहार में औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन एवं जनहित से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
श्रेयसी सिंह ने सबसे पहले केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी से मुलाकात की। इस दौरान बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा राज्य के समावेशी विकास के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर चर्चा हुई। 
इसके बाद श्रेयसी सिंह ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। इस दौरान बिहार में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार, नए निवेश आकर्षित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन तथा उद्योग आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। बैठक में राज्य के पारंपरिक हस्तशिल्प एवं हैंडलूम क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया।
श्रेयसी सिंह ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्र निर्माण, युवाओं के सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास एवं जनहित से जुड़े समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही, बिहार में डिफेंस कॉरिडोर एवं डीआरडीओ की स्थापना की संभावनाओं पर भी सार्थक विमर्श किया, जिससे राज्य में रक्षा क्षेत्र आधारित उद्योगों एवं रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकें।
अपने इस दिल्ली दौरे के दौरान श्रेयसी सिंह ने केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष बिहार के औद्योगिक एवं पारंपरिक हस्तशिल्प क्षेत्र को नई पहचान देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे। इनमें राज्य में दो मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना, सिल्क टूरिज्म क्लस्टर का विकास, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट क्लस्टर की स्थापना, राष्ट्रीय हस्तशिल्प वस्त्र एवं इनोवेशन संस्थान की स्थापना, स्पोर्टेक एवं एग्रोटेक क्लस्टर के विकास सहित बेगूसराय में इंडस्ट्रियल पार्क से संबंधित विषय प्रमुख रहे।इसके अलावा उन्होंने चार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश, कौशल विकास एवं बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग एवं मार्गदर्शन से राज्य में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का दायरा और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों के विकास, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा बिहार को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।