जातीय समीकरण साधने में जुटी NDA, सम्राट कैबिनेट में सभी वर्गों को संतुलित भागीदारी

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की बड़ी राजनीतिक कोशिश की है। 34 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को दिया ...

जातीय समीकरण साधने में जुटी NDA, सम्राट कैबिनेट में सभी वर्गों को संतुलित भागीदारी

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की बड़ी राजनीतिक कोशिश की है। 34 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को दिया गया है। इसके अलावा दलित, ओबीसी, सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदायों को भी संतुलित भागीदारी दी गई है।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नए मंत्रिमंडल की संरचना आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। NDA ने सामाजिक इंजीनियरिंग के जरिए हर बड़े जातीय समूह को संदेश देने की कोशिश की है।

सवर्ण वर्ग को मजबूत हिस्सेदारी

मंत्रिमंडल में सवर्ण समाज से कुल 9 नेताओं को शामिल किया गया है।भूमिहार समाज से विजय चौधरी, विजय सिन्हा और कुमार शैलेन्द्र को मंत्री बनाया गया है। वहीं ब्राह्मण समाज से नीतीश मिश्रा और मिथिलेश तिवारी को जगह मिली है। राजपूत समुदाय से लेसी सिंह, संजय सिंह टाइगर, श्रेयसी सिंह और संजय कुमार सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।कुर्मी समाज से श्रवण कुमार और निशांत को मंत्री बनाया गया है। यादव समाज से विजेंद्र यादव और रामकृपाल यादव को प्रतिनिधित्व मिला है। वहीं कुशवाहा समाज से भगवान सिंह कुशवाहा और दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वैश्य समाज से रामचंद्र प्रसाद को जगह दी गई है।

EBC वर्ग को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व

सम्राट सरकार के नए मंत्रिमंडल में EBC वर्ग सबसे मजबूत दिखाई दे रहा है।दिलीप कुमार जायसवाल, केदार गुप्ता, प्रमोद चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाया गया है। मल्लाह समाज से रमा निषाद और मदन सहनी को जगह मिली है। धानुक समाज से शीला मंडल और दामोदर रावत को मंत्री पद दिया गया है, जबकि गंगोता समाज से बुलो मंडल को प्रतिनिधित्व मिला है।दलित समाज से अशोक चौधरी, रत्नेश सादा, सुनील कुमार, नंद किशोर राम, लखेन्द्र पासवान, संतोष सुमन और संजय कुमार को मंत्री बनाया गया है। इस तरह दलित समुदाय से कुल 7 नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

अल्पसंख्यक समुदाय को भी प्रतिनिधित्व

वहीं अल्पसंख्यक समुदाय से जमा खान को मंत्रिमंडल में शामिल कर NDA ने मुस्लिम समाज को भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।बिहार के नए मंत्रिमंडल को NDA की व्यापक सामाजिक इंजीनियरिंग रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार ने EBC, दलित, ओबीसी और सवर्ण वर्ग के बीच संतुलन बनाकर राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि यह कैबिनेट विस्तार आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।