इराज लालू यादव के जन्मदिन पर सियासी महाजुटान की तैयारी, गाजियाबाद में होगा हाई-प्रोफाइल सेलिब्रेशन

बिहार की राजनीति में इस समय एक अलग ही हलचल देखने को मिल रही है। वजह है राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पोते और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बेटे इराज का...

इराज लालू यादव के जन्मदिन पर सियासी महाजुटान की तैयारी, गाजियाबाद में होगा हाई-प्रोफाइल सेलिब्रेशन

बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित परिवारों में शामिल लालू परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पोते और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बेटे इराज का जन्मदिन, जो 27 मई को बेहद भव्य तरीके से मनाया जाने वाला है।

सूत्रों के अनुसार यह सेलिब्रेशन इस बार दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद में आयोजित किया जाएगा, जहां राजनीतिक और सामाजिक जगत की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

इनविटेशन कार्ड बना चर्चा का विषय

इस पूरे आयोजन से पहले ही इराज के बर्थडे का इनविटेशन कार्ड सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है। कार्ड में उनका पूरा नाम “इराज लालू यादव” लिखा गया है। बता दें कि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने अपने पोते का नाम इराज रखा था।इस दौरान लालू यादव ने इराज नाम रखने की वजह भी बताई थी। लालू यादव ने बताया था कि, जैसे चैत्र नवरात्र के छठे दिन पैदा हुई पोती का नाम उन्होंने कात्यायनी रखा था, उसी तरह भगवान हनुमान के दिन मंगलवार को पैदा हुए पोते का नाम हनुमान जी के नाम पर इराज रखा है।

कोलकाता में हुआ था जन्म, अब भव्य सेलिब्रेशन की तैयारी

बता दें कि इराज का जन्म वर्ष 2025 में कोलकाता में हुआ था। अब पहली बार उनका जन्मदिन इतने बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। परिवार की ओर से इसे एक निजी लेकिन हाई-प्रोफाइल आयोजन के रूप में तैयार किया जा रहा है।

बड़े नेताओं को न्योता मिलने की चर्चा

सूत्रों के मुताबिक इस कार्यक्रम में कई राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इनमें शामिल हैं,राहुल गांधी,अखिलेश यादव,अरविंद केजरीवाल। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की पूर्व  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी निमंत्रण भेजे जाने की संभावना है।साथ ही अभिनेता और पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के भी कार्यक्रम में शामिल होने की चर्चा है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

बता दें कि इस हाई-प्रोफाइल बर्थडे सेलिब्रेशन को लेकर बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।  वहीं विपक्षी एकजुटता के संकेतों और नेताओं की संभावित उपस्थिति को लेकर कई तरह के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।इराज के जन्मदिन का यह आयोजन केवल पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। अब सबकी नजर 27 मई के इस भव्य समारोह पर टिकी हुई है।