भ्रष्टाचार पर सम्राट सरकार का बड़ा प्रहार, एक झटके में 14 सीओ पर गिरी गाज
बिहार में भ्रष्टाचार और सरकारी कामकाज में लापरवाही पर सम्राट चौधरी सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। बुधवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के 14 अंचल अधिकारियों (सीओ...
बिहार में भ्रष्टाचार और सरकारी कामकाज में लापरवाही पर सम्राट चौधरी सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। बुधवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के 14 अंचल अधिकारियों (सीओ) पर एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए किसी का वेतन रोका, किसी की वेतन वृद्धि पर रोक लगाई, तो कई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने साफ कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
विभागीय जानकारी के मुताबिक पाटलिपुत्र के अंचल अधिकारी अनुज कुमार के वेतन पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। वहीं राघोपुर के सीओ संजीव कुमार त्रिवेदी और पालीगंज के सीओ राकेश Kumar की वेतन वृद्धि रोक दी गई है।
पालीगंज के सीओ राकेश कुमार पर आय से अधिक संपत्ति और बालू के अवैध खनन में संलिप्तता के आरोप हैं। दानापुर के अंचल अधिकारी चंदन कुमार के खिलाफ लापरवाही के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है।
इसके अलावा सिशवन के सीओ पंकज कुमार, गोपालगंज के सीओ रजत कुमार बरनवाल, एकमा के सीओ अमलेश कुमार और छपरा सदर की कुमारी अंचल के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। सारण के इसुआपुर के सीओ सतीश सिंह पर वित्तीय अनियमितता को लेकर कार्रवाई की जा रही है।
बैरिया के तत्कालीन सीओ अनिल कुमार पर गलत जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप लगा है। वहीं सुपौल के तत्कालीन सीओ बुच्ची कुमार पर अवैध दाखिल-खारिज में संलिप्तता का मामला सामने आया है।
कांटी की सीओ ऋषिका पर सरकारी जमीन को निजी व्यक्ति के नाम दर्ज करने का गंभीर आरोप लगा, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। वहीं गोपालपुर भालपुर के सीओ राजकिशोर शर्मा की पेंशन में पांच साल तक कटौती करने का फैसला लिया गया है।
मंत्री ने क्या कहा?
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि विभाग में लंबे समय तक हड़ताल के कारण करीब 37 लाख आवेदन लंबित हो गए थे। विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद इसे चुनौती के रूप में लिया गया और अब लगातार अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की जा रही है।उन्होंने कहा कि जो अधिकारी बेहतर काम करेंगे उन्हें सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही और भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।













