महाराष्ट्र के डिप्टी CM अज़ीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती एयरपोर्ट पर दुर्घटना

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में मौत। बता दें कि महाराष्ट्र के बारामती में अजित पवार का विमान आज यानी बुधवार...

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अज़ीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती एयरपोर्ट पर दुर्घटना

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह (28 जनवरी 2026) एक दिल दहला देने वाला विमान हादसा हुआ है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को ले जा रहा एक चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा सुबह करीब 8:45 बजे उस समय हुआ, जब विमान मुंबई से बारामती पहुंच रहा था। बताया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद वह रनवे के पास क्रैश हो गया।। शुरुआती रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में अजित पवार सहित विमान में सवार 5लोगों की मौत हो गई है।

हादसे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं
बता दें कि प्लेन में अजित पवार के अलावा क्रू मेंबर्स और अन्य साथी थे। आधिकारिक स्रोतों के मुताबिक, विमान में कुल 5 यात्री थे, जिनमें अजित पवार शामिल थे। सभी की मौत हो गई।हादसे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं, लेकिन लैंडिंग गियर में तकनीकी खराबी या मौसम संबंधी मुद्दे की आशंका जताई जा रही है। जांच शुरू हो चुकी है।बता दें कि अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में अहम चेहरा थे। बारामती उनका गढ़ रहा है।यह हादसा महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ा नुकसान है।

बारामती में चार बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित 
आज, बुधवार को अजित पवार का बारामती में चार बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित था। वह हमेशा की तरह सुबह जल्दी मुंबई से रवाना हुए थे। बारामती में उनके समर्थक और स्थानीय नेता उनके स्वागत और जनसंवाद कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। अजित पवार बारामती से विधायक रहे हैं और यहां की जनता हमेशा उन्हें जिताती आई है। बारामती के लोगों को अजित पवार से खासा लगाव रहा है।  वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि आज अजित दादा जनता को संबोधित करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे, लेकिन बारामती एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही उनका प्लेन क्रैश हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की जान चली गई।

1980 के दशक में राजनीति में कदम रखा था
जानकारी के लिए बता दें कि अपने समर्थकों के बीच दादा के नाम से पुकारे जाने वाले, अजित पवार ने 1980 के दशक में चाचा शरद की छत्रछाया में राजनीति में कदम रखा था।साल 1991 में उन्हें पहली चुनावी सफलता तब मिली, जब उन्होंने बारामती लोकसभा सीट पर जीत हासिल की। हालांकि, उन्होंने कुछ समय बाद ही अपने चाचा के लिए पद से इस्तीफा दे दिया फिर शरद ने यहां के उपचुनाव में जीत हासिल की और पीवी नरसिम्हा राव की तत्कालीन केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री बने।इसी साल, अजित अपने परिवार के गढ़ बारामती विधानसभा सीट से मैदान में उतरे और विधायक चुने गए और 7 बार उस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2019 का विधानसभा चुनाव 1.65 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीता।