ताला तोड़ते ही कांप गई अफसरों की रूह, अंधेरे कमरे में वार्मर पर तड़पता मिला मासूम! 2 अस्पताल सील, 4 डॉक्टरों पर FIR

दोषी चारों चिकित्सकों डॉ. पी. कुमार, डॉ. केके पाठक, डॉ. अनुज कुमार और डॉ. रंजन कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

ताला तोड़ते ही कांप गई अफसरों की रूह, अंधेरे कमरे में वार्मर पर तड़पता मिला मासूम! 2 अस्पताल सील, 4 डॉक्टरों पर FIR

DESWA DESK :  पूर्वी चंपारण जिले के चकिया अनुमंडल क्षेत्र में चंद रुपयों के मुनाफे के लिए नवजात बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगाने और स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पैसों की हवस में अंधे हुए कथित डॉक्टरों ने मानवता की सारी हदें पार कर दीं। व्यापार मंडल स्थित एक ताला बंद हॉल को जब प्रशासनिक टीम ने तोड़ा, तो अंदर के खौफनाक और अंधेरे कमरे में वार्मर पर एक महज सात दिन का नवजात शिशु लावारिस हालत में तड़पता हुआ पाया गया।  मौके पर न तो कोई चिकित्सक था और न ही कोई स्वास्थ्यकर्मी। सभी मासूमों को मौत के मुंह में छोड़कर फरार हो चुके थे।

चकिया अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शिवानी शुभम के नेतृत्व में हुई इस औचक छापेमारी से पूरे इलाके के अवैध नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। एसडीओ शिवानी शुभम ने बताया कि प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि व्यापार मंडल स्थित एक बंद पड़े हॉल से किसी बच्चे के लगातार रोने की आवाज आ रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जब SDO, अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. चंदन कुमार और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं, तो बाहर से बड़ा ताला लटका मिला। तुरंत ताला तोड़ने का निर्णय लिया गया। अंदर प्रवेश करते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। वहां लाल गोपाल क्लीनिक का एक बोर्ड और प्रिस्क्रिप्शन बरामद हुआ, जिस पर डॉ. पी. कुमार और डॉ. केके पाठक का नाम अंकित था।

प्रशासनिक टीम ने इसके बाद पुराना बाइपास स्थित संजीवनी चाइल्ड केयर में छापेमारी की। वहां का नजारा और भी डरावना था। अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) में चार नवजात बच्चे गंभीर हालत में भर्ती थे, लेकिन पूरे अस्पताल में एक भी डॉक्टर या कंपाउंडर मौजूद नहीं था। बच्चों के परिजन अस्पताल के बाहर बेबसी की हालत में रो रहे थे। स्थिति की गंभीरता और बच्चों की नाजुक जान को देखते हुए उपाधीक्षक डॉ. चंदन कुमार की देखरेख में सभी पीड़ित बच्चों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया।

दोनों जगहों का नजारा देख एसडीओ शिवानी शुभम दंग रह गईं। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों की जान के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लाल गोपाल क्लीनिक और संजीवनी चाइल्ड केयर को सील कर वार्मर और ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त कर लिए गए हैं। दोषी चारों चिकित्सकों डॉ. पी. कुमार, डॉ. केके पाठक, डॉ. अनुज कुमार और डॉ. रंजन कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

प्रशासन की इस अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के बाद चकिया और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों के शटर गिरने शुरू हो गए हैं। SDO ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जिले में बिना मानक और अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लीनिकों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट