सदन में जाति विवाद! ‘ब्राह्मणवाद’ टिप्पणी पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने, डिप्टी CM विजय सिन्हा का पलटवार

बिहार विधानसभा में शुक्रवार को उस समय तीखा विवाद खड़ा हो गया, जब उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव के मुद्दे पर UGC इक्विटी एक्ट लागू करने की मांग उठी। माले विधायक संदीप सौरभ के बयान के बाद सदन का माहौल गरमा गया और सत्ता-विपक्ष के बीच जोरदार नोकझोंक देखने को मिली।दरअसल, कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत माले विधायक संदीप सौरभ ने बिहार....

सदन में जाति विवाद! ‘ब्राह्मणवाद’ टिप्पणी पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने, डिप्टी CM विजय सिन्हा का पलटवार

बिहार विधानसभा में शुक्रवार को उस समय तीखा विवाद खड़ा हो गया, जब उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव के मुद्दे पर UGC इक्विटी एक्ट लागू करने की मांग उठी। माले विधायक संदीप सौरभ के बयान के बाद सदन का माहौल गरमा गया और सत्ता-विपक्ष के बीच जोरदार नोकझोंक देखने को मिली।दरअसल, कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत माले विधायक संदीप सौरभ ने बिहार सरकार से राज्य में UGC इक्विटी एक्ट लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को समाप्त करने और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए यह कानून जरूरी है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि “ब्राह्मणवादी मानसिकता” के कारण इस नियम को लागू नहीं किया जा रहा है।

विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई 
संदीप सौरभ के इस बयान पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए ‘ब्राह्मण’ शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। स्पीकर के इस आदेश के बाद विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई और सदन में हंगामा शुरू हो गया।वहीं, सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान विपक्ष की मानसिकता को दर्शाते हैं। विजय सिन्हा ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे मुजफ्फरपुर के एक तकनीकी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान रैगिंग का शिकार हुए थे। उन्होंने कहा, “मैं भूमिहार ब्राह्मण परिवार से आता हूं, इसके बावजूद मुझे हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया था।”

 सरकार हर समाज का सम्मान करती है
उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों पर इस तरह सवाल नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हर समाज का सम्मान करती है और सामाजिक समरसता के पक्ष में है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की भावना के विपरीत आचरण कर रहा है। बता दें कि UGC इक्विटी एक्ट को लेकर छिड़ी यह बहस अब राजनीतिक रंग ले चुकी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।