सीतामढ़ी में रिश्वत लेते मुखिया गिरफ्तार: 16 हजार की घूस लेते निगरानी टीम ने दबोचा, 1 करोड़ गबन के आरोप
बिहार के सीतामढ़ी जिले में निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पंचायत मुखिया को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। डुमरा कोर्ट परिसर के बाहर हुई इस कार्रवाई में रुन्नीसैदपुर प्रखंड के कौड़ियां लालपुर पंचायत के मुखिया अवधेश साह को 16 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा गया। खास बात यह है कि मुखिया पर पहले से ही पंचायत की विभिन्न विकास....
बिहार के सीतामढ़ी जिले में निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पंचायत मुखिया को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। डुमरा कोर्ट परिसर के बाहर हुई इस कार्रवाई में रुन्नीसैदपुर प्रखंड के कौड़ियां लालपुर पंचायत के मुखिया अवधेश साह को 16 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा गया। खास बात यह है कि मुखिया पर पहले से ही पंचायत की विभिन्न विकास योजनाओं में करीब 1 करोड़ रुपये के गबन का गंभीर आरोप भी लगा हुआ है।
केवल कागजों तक ही सीमित रहा
जानकारी के मुताबिक यह मामला रुन्नीसैदपुर थाना कांड संख्या 236/19 से जुड़ा है। आरोप है कि पंचायत में सड़क, नाला, सामुदायिक भवन समेत कई विकास योजनाओं के लिए सरकार से मिली राशि का बड़ा हिस्सा केवल कागजों तक ही सीमित रहा। कई योजनाओं का काम अधूरा या अपूर्ण रहने के बावजूद कागजों में उन्हें पूरा दिखाकर भुगतान कर लिया गया।जांच के दौरान अधिकारियों ने पंचायत स्तर पर हुए भुगतान, बैंक खातों से निकासी, वाउचर और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इस पड़ताल में कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए, जिससे गबन की आशंका और गहरी हो गई।
गिरफ्तारी से बचने की कोशिश
निगरानी विभाग के सूत्रों के अनुसार, अवधेश साह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। बताया जाता है कि वह कथित तौर पर अदालत और दलालों के माध्यम से मामले को प्रभावित करने का प्रयास भी कर रहा था। इसी बीच मंगलवार को निगरानी टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ जाल बिछाया और उसे रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत में कई योजनाओं के नाम पर बड़ी राशि निकाली गई, लेकिन जमीन पर उसका अपेक्षित परिणाम नहीं दिखा। कई सड़कों और नालों का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जबकि कागजों में उन्हें पूरा दिखाकर भुगतान कर दिया गया।
आरोपी मुखिया से गहन पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आरोपी मुखिया से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि अगर जांच में गबन की राशि और अधिक होने के प्रमाण मिलते हैं, तो मामले में और कड़ी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
इस कार्रवाई के बाद जिले में पंचायत स्तर पर चल रही विकास योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सभी योजनाओं का सोशल ऑडिट कराने की मांग की है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।













