जेडीयू से केसी त्यागी का इस्तीफा, 22 मार्च को करेंगे बड़ा ऐलान

जनता दल यूनाइटेड (JDU) में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान आखिरकार खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर इस्तीफा साझा कर अपने फैसले को सार्वजनिक किया।पिछले कुछ दिनों से केसी त्यागी अपनी ही पार्टी की नीतियों और फैसलों पर खुलकर सवाल उठा रहे थे। ऐसे में उनके इस्तीफे....

जेडीयू से केसी त्यागी का इस्तीफा, 22 मार्च को करेंगे बड़ा ऐलान

जनता दल यूनाइटेड (JDU) में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान आखिरकार खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर इस्तीफा साझा कर अपने फैसले को सार्वजनिक किया।पिछले कुछ दिनों से केसी त्यागी अपनी ही पार्टी की नीतियों और फैसलों पर खुलकर सवाल उठा रहे थे। ऐसे में उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं, जो अब सच साबित हो गई हैं। त्यागी ने साफ कर दिया है कि वह अब जदयू से कोई संबंध नहीं रखना चाहते और भविष्य में भी पार्टी की सदस्यता नहीं लेंगे।

 पार्टी के साथ अपने लंबे सफर को याद किया
अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी के साथ अपने लंबे सफर को याद किया। उन्होंने बताया कि साल 2003 में जब जदयू का गठन हुआ था, तब उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने शरद यादव और नीतीश कुमार के नेतृत्व में भी सक्रिय रूप से काम किया। वह पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर भी रहे।हालांकि त्यागी ने अपने इस्तीफे में यह भी कहा कि नीतीश कुमार के प्रति उनका सम्मान हमेशा बना रहेगा, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया है।

आगे की रणनीति:
केसी त्यागी ने बताया कि वह 22 मार्च को अपने समर्थकों और सहयोगियों के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में उनके राजनीतिक भविष्य और आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि त्यागी जल्द ही कोई नया रास्ता चुन सकते हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में केसी त्यागी कई मुद्दों पर पार्टी लाइन से अलग राय रखते नजर आए थे। सूत्रों के मुताबिक, केसी त्यागी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं, जहां उनका अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है।22 मार्च की बैठक के बाद उनकी अगली राजनीतिक दिशा और साफ हो जाएगी।