भरत तिवारी एनकाउंटर में पुलिस की चूक उजागर, एडीजी ने मानी गलती, डीआईजी करेंगे वैज्ञानिक जांच, दो FIR दर्ज
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में चौतरफा घिरी सरकार और पुलिस मुख्यालय ने आखिरकार बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय ने माना है कि इस पूरे मामले को सही तरीके से हैंडल नहीं किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
DESWA DESK : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में चौतरफा घिरी सरकार और पुलिस मुख्यालय ने आखिरकार बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय ने माना है कि इस पूरे मामले को सही तरीके से हैंडल नहीं किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
वहीं, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को सौंपी गई है। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने विभाग की कमियों को स्वीकार करते हुए कहा कि पुलिस टीम से मामले को संभालने में चूक हुई है। मुख्यालय इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
एडीजी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया गया है। इस आयोग में उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं।
पहली एफआईआर (संख्या 169/26) में घटना की शुरुआत और मुठभेड़ से जुड़ी शुरुआती परिस्थितियों का ब्यौरा है। दूसरी एफआईआर (संख्या 170/26) में एनकाउंटर के दौरान और उसके बाद की कड़ियों को शामिल किया गया है। पुलिस इन्हीं दर्ज बिंदुओं और धाराओं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
शाहाबाद डीआईजी के नेतृत्व में होने वाली इस जांच को पूरी तरह से पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए आधुनिक संसाधनों का सहारा लिया जाएगा। एडीजी सुधांशु कुमार के मुताबिक, फॉरेंसिक साइंस लैब (एपएसएल) की टीम घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच करेगी। इसके अलावा अन्य तकनीकी और वैज्ञानिक टूल्स का उपयोग किया जाएगा ताकि एनकाउंटर की असली हकीकत और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।













