पटना में पोस्टर वार : बीजेपी दफ्तर के बाहर आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह को बताया 'बिहार का नटवरलाल'
वीरचंद पटेल पथ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के समीप रातों-रात एक विवादित पोस्टर लगाया गया है, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस पोस्टर में राजद के कद्दावर नेता और एमएलसी सुनील सिंह को बिहार का नटवरलाल करार दिया गया है। इस पोस्टर की सबसे खास और विवादित बात यह है कि इसमें सिर्फ सुनील सिंह ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और बेटे की तस्वीरें भी लगाई गई हैं और पूरे परिवार पर गबन व धोखाधड़ी के गंभीर आरोप मढ़े गए हैं।
DESWA DESK : बिहार की सियासत में पोस्टर वार कोई नई बात नहीं है, लेकिन पटना में वीरचंद पटेल पथ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर लगा एक नया पोस्टर इस समय राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी बवाल मचा रहा है। इस पोस्टर में आरजेडी के एमएलसी और बिस्कोमान के पूर्व चेयरमैन सुनील सिंह को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही, बिहार की राजधानी पटना में सियासी पोस्टरबाजी ने एक बार फिर व्यक्तिगत और पारिवारिक हमलों का रूप ले लिया है।
वीरचंद पटेल पथ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के समीप रातों-रात एक विवादित पोस्टर लगाया गया है, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस पोस्टर में राजद के कद्दावर नेता और एमएलसी सुनील सिंह को बिहार का नटवरलाल करार दिया गया है। इस पोस्टर की सबसे खास और विवादित बात यह है कि इसमें सिर्फ सुनील सिंह ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और बेटे की तस्वीरें भी लगाई गई हैं और पूरे परिवार पर गबन व धोखाधड़ी के गंभीर आरोप मढ़े गए हैं।
भाजपा कार्यालय के बाहर और आसपास के इलाकों में चस्पा किए गए इस पोस्टर में बकायदा तीन अलग-अलग एफआईआर (FIR) नंबरों का जिक्र करते हुए परिवार पर जनता के पैसे हड़पने का दावा किया गया है:
पोस्टर में दावा किया गया है कि एफआईआर संख्या 305 के तहत सुनील सिंह पर यादव समाज की एक महिला से 16.5 लाख के गबन का आरोप है। एफआईआर संख्या 306 का हवाला देते हुए उनकी पत्नी पर 23.5 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर संख्या 307 के जरिए उनके पुत्र यशस्वी पर 3.75 लाख के कथित गबन की बात लिखी गई है। पोस्टर के निचले हिस्से में व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा गया है 'धोखाधड़ी एवं लूट-खसोट करने के मुखिया श्री सुनील सिंह को महागठबंधन की ओर से MLC बनने पर बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।'
इस पोस्टर पर किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति का नाम निवेदक के रूप में दर्ज नहीं है। इसे अज्ञात लोगों द्वारा लगाया गया है। हालांकि यह पोस्टर ठीक भाजपा प्रदेश कार्यालय के पास और पार्टी के बड़े होर्डिंग्स के नीचे लगाया गया है, इसलिए राजद खेमे का सीधा इशारा भाजपा और उसके समर्थकों की तरफ है।
सुनील सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। वे राजद के उन नेताओं में से हैं जो विपक्ष पर बेहद आक्रामक और मुखर होकर बयानबाजी करते हैं। राजद और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब सत्ता पक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचता, तो वे इस तरह की ओछी हरकतों और व्यक्तिगत हमलों पर उतर आते हैं। राजनीति में नेताओं के परिवार, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को घसीटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस मामले पर भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कि पोस्टर किसने लगाया है, यह जांच का विषय है। लेकिन यदि किसी पर कोर्ट या पुलिस में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, तो वह सच जनता के सामने आना ही चाहिए।













