छात्र आंदोलन के आगे झुकी सरकार : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, अभिजीत दीपके बोले-झुकती है दुनिया..झुकाने वाला चाहिए
धर्मेंद्र प्रधान ने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। 2014 में केंद्र की सत्ता में आई नरेंद्र मोदी की सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में यह पहला मौका है, जब किसी जनआंदोलन या जनाक्रोश के सामने झुकते हुए किसी केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा दिया है। शनिवार को जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर जंतर-मंतर पर पहुंची, हजारों छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी के कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। पूरे परिसर में छात्र एकता जिंदाबाद के नारे गूंज उठे और छात्रों ने एक-दूसरे को गले लगाकर अपनी जीत का जश्न मनाया।
DESWA DESK : नीट पेपर लीक को लेकर पिछले 36 दिनों से चल रहा देशव्यापी छात्र आंदोलन शनिवार को अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छह जून से लगातार डटे छात्र संगठनों के भारी दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे में इस बात का भी जिक्र किया है कि असामाजिक तत्व छात्रों के आंदोलन का गलत फायदा ना उठाएं, इसलिए वे नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। 2014 में केंद्र की सत्ता में आई नरेंद्र मोदी की सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में यह पहला मौका है, जब किसी जनआंदोलन या जनाक्रोश के सामने झुकते हुए किसी केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा दिया है। शनिवार को जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर जंतर-मंतर पर पहुंची, हजारों छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी के कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। पूरे परिसर में छात्र एकता जिंदाबाद के नारे गूंज उठे और छात्रों ने एक-दूसरे को गले लगाकर अपनी जीत का जश्न मनाया।
हालांकि इस जीत के माहौल के बीच एक भावुक क्षण भी आयाए जब नीट परीक्षा की अनिश्चितताओं और तनाव के कारण जान गंवाने वाले दिवंगत अभ्यर्थियों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंत्री के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया.. झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री का इस्तीफा तो सिर्फ शुरुआत है, हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने गतिरोध समाप्त करने के लिए औपचारिक वार्ता का दौर शुरू किया। राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और सौरभ दास शामिल हुए, जबकि छात्र संगठन का प्रतिनिधित्व अभिषेक रांका और कॉकरोच जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी, लेकिन आंदोलनकारी छात्र संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी दो अन्य प्रमुख मांगों पर अब भी कायम हैं। उनका कहना है कि नीट पेपर लीक के बाद मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले सभी पीड़ित छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रूपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करने और उन्हें प्रताड़ित करने में शामिल पुलिस अधिकारियों पर तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हमारी ये मांगे भी सरकार को मान लेनी चाहिए।













