चिराग के विधायक अमित कुमार रानू के घर पुलिस की रेड, जमीन से जुड़ मामले में भाई सोनू सिंह की तलाश जारी

जमीन के अवैध कारोबार और दबंगई के खिलाफ जारी पुलिस कार्रवाई की जद में अब राजनीतिक हस्तियां भी आने लगी हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह पर अहियापुर थाना क्षेत्र में बड़ी दबंगई का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने रविवार को विधायक के बैरिया स्थित निजी आवास पर बड़ी छापेमारी की। 

चिराग के विधायक अमित कुमार रानू के घर पुलिस की रेड, जमीन से जुड़ मामले में भाई सोनू सिंह की तलाश जारी

DESWA DESK : जमीन के अवैध कारोबार और दबंगई के खिलाफ जारी पुलिस कार्रवाई की जद में अब राजनीतिक हस्तियां भी आने लगी हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह पर अहियापुर थाना क्षेत्र में बड़ी दबंगई का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने रविवार को विधायक के बैरिया स्थित निजी आवास पर बड़ी छापेमारी की। 

कोर्ट से सर्च वारंट जारी होने के बाद तीन डीएसपी और लगभग सौ पुलिसकर्मियों की टीम ने करीब चार घंटे तक विधायक के घर का चप्पा-चप्पा खंगाला। पुलिस के अनुसार मामला अहियापुर के भीखनपुर इलाके से जुड़ा है। आरोप है कि विधायक के भाई सोनू सिंह समर्थकों और करीब 20 गाड़ियों के काफिले जिसमें के साथ पहुंचे और 25 से अधिक लोगों के निर्माणाधीन घरों व बाउंड्री को जेसीबी लगाकर ध्वस्त कर दिया। विरोध करने पर स्थानीय निवासियों के साथ मारपीट और अभद्रता भी की गई।

पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू की। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर विधायक के भाई सोनू सिंह की सीधी संलिप्तता सामने आई।
वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने आवास से कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं, जिसमें  कई स्टांप पेपर, जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंस्ट्रक्शन कंपनी के वित्तीय कागजात आदि शामिल हैं। एसएसपी के मुताबिक विधायक के भाई सोनू सिंह पर जमीन कब्जे और रंगदारी से जुड़े लगभग 13 से अधिक मामले दर्ज हैं। छापेमारी के वक्त सोनू सिंह घर पर मौजूद नहीं था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। 

मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को भी शामिल किया जा सकता है और संबंधित पक्षों की संपत्तियों व बैंक खातों की भी जांच होगी। उधर, कार्रवाई के दौरान घर पर मौजूद विधायक अमित कुमार रानू ने अपने और अपने भाई पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि भूमाफिया और पुलिस की मिलीभगत से यह गंदी राजनीति की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश के तहत इस मामले में घसीटा जा रहा है।