मधुबनी कस्टोडियल डेथ मामले में एनएचआरसी पहुंचे तेजस्वी यादव, जेल प्रशासन के सुसाइड के दावे को परिजनों ने बताया झूठा

मधुबनी जेल में 19 वर्षीय रौशन यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने बिहार में बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को कस्टोडियल डेथ यानी हिरासत में हत्या करार देते हुए सीधे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का रुख किया है। तेजस्वी ने आयोग को पत्र लिखकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय, उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषी प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मधुबनी कस्टोडियल डेथ मामले में एनएचआरसी पहुंचे तेजस्वी यादव, जेल प्रशासन के सुसाइड के दावे को परिजनों ने बताया झूठा

DESWA DESK : मधुबनी जेल में 19 वर्षीय रौशन यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने बिहार में बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को कस्टोडियल डेथ यानी हिरासत में हत्या करार देते हुए सीधे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का रुख किया है। तेजस्वी ने आयोग को पत्र लिखकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय, उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषी प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामला दस अगस्त का है, जब मधुबनी जेल में बंद रौशन यादव की मौत हो गई। 27 मई को गिरफ्तार किए गए रौशन की मौत को लेकर जेल प्रशासन का दावा है कि उसने फंदे से लटककर आत्महत्या की है। हालांकि जब तेजस्वी यादव रौशन यादव के परिजनों से मधुबनी जाकर मिले थे, तब मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन के सुसाइड वाले दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया था। परिजनों का कहना था कि रोशन के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान थे, जो प्रताड़ना की ओर इशारा करते हैं। वहीं, गिरफ्तारी के समय पुलिस ने कानूनी नियमों को ताक पर रखते हुए परिजनों को कोई लिखित सूचना या कारण नहीं दिया था।

अब इस मामले को लेकर तेजस्वी ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार में अफसरशाही अराजक हो गई है, निर्दोषों की बलि नहीं चढ़ने देंगे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लिखे पत्र का ब्योरा साझा करते हुए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मनोनीत और कमजोर प्रशासनिक समझ वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अफसरशाही पूरी तरह अराजक और अनियंत्रित हो चुकी है। 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कड़े लहजे में कहा कि हम इस मामले को हर मंच और अदालत तक लेकर जाएंगे। बिहार के निर्दोष नागरिकों की बलि किसी भी कीमत पर नहीं लेने दी जाएगी। नेता प्रतिपक्ष के सीधे हस्तक्षेप और एनएचआरसी में मामला जाने के बाद मधुबनी जिला प्रशासन और जेल महकमे में हड़कंप मच गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को राज्य में कानून-व्यवस्था और मानवाधिकार उल्लंघन का बड़ा प्रमाण बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।