फिर डूबेगा पटना या रंग लाएगा प्रमंडलीय आयुक्त का आदेश, मॉनसून पूर्व कैसी है तैयारी

केरलम में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है, और दो सप्ताल में बिहार में दस्तक देने की उम्मीद है। हर बार मॉनसून पूर्व तैयारी के पुख्ता दावे किए जाते हैं, लेकिन नई बसी कालोनियां हर साल डूबती हैं। वीआईपी इलाके में भी जलजमाव रहता है। ऐसे में अबकी बार फिर पटना के प्रमंडलीय आयुक्त ने बड़ा दावा किया है। 

फिर डूबेगा पटना या रंग लाएगा प्रमंडलीय आयुक्त का आदेश, मॉनसून पूर्व कैसी है तैयारी

DESWA DESK : केरलम में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है, और दो सप्ताल में बिहार में दस्तक देने की उम्मीद है। हर बार मॉनसून पूर्व तैयारी के पुख्ता दावे किए जाते हैं, लेकिन नई बसी कालोनियां हर साल डूबती हैं। वीआईपी इलाके में भी जलजमाव रहता है। ऐसे में अबकी बार फिर पटना के प्रमंडलीय आयुक्त ने बड़ा दावा किया है। 

उन्होंने कहा है कि पटना को किसी भी हाल में डूबने नहीं देंगे। उन्होंने जलजमाव पर जीरो टॉलरेंस का एलान करते हुए कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में इसे रोकने के लिए त्रुटिहीन व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही शहर के नौ बड़े नालों सहित सभी छोटे-बड़े नालों की उड़ाही एवं साफ-सफाई का सत्यापन कराने का निर्देश प्रमंडलीय आयुक्त ने दिया है।

प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने कहा है कि अतिवृष्टि की स्थिति में पटना में जलनिकासी की सुगम एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन वे अपने दावे पर कितने खरे उतरसे है, यह कुछ दिनों बाद तय हो जाएगा। आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में उच्चस्तरीय बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जलजमाव पर सरकार का जीरो टॉलरेंस है। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को मॉनसून पूर्व जलनिकासी के लिए लंबित कार्यों को एक सप्ताह के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर वे इसकी पुनः समीक्षा करेंगे तथा निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले पदाधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रमंडलीय आयुक्त ने पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मॉनसून-2026 व्हाट्सऐप ग्रुप को क्रियाशील रखें तथा सूचनाओं का त्वरित गति से आदान-प्रदान करें। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि त्वरित एवं सुगम जल निकासी में अवरोध उत्पन्न करना आपराधिक लापरवाही मानी जाएगी एवं ऐसे तत्वों के विरूद्ध विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जलजमाव पर सरकार द्वारा शून्य सहिष्णुता की नीति का अक्षरशः अनुसरण किया जाता है। जलजमाव रोकने के लिए तैयारियों एवं निरोधात्मक कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसी लापरवाही को आपराधिक लापरवाही मानते हुए दोषी एजेंसियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने कहा कि विद्युत, बुडको, मेट्रो, नमामि गंगे, गेल, बीएसएनएल सहित कोई भी विभाग या एजेंसी सड़क को नहीं काटेगी। यदि ऐसा करना कार्यहित में अपरिहार्य हो तथा जलनिकासी में कोई अवरोध उत्पन्न नहीं हो तो संबंधित एजेंसी पथ निर्माण विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाण.पत्र ;प्राप्त कर ही सड़क को काटेगी एवं कार्य शीघ्र पूर्ण कर सड़क को रेस्टोर करेगी। विभिन्न एजेंसियां वर्तमान में किए जा रहे कार्यों को दिए गए समय सीमा के अंदर पूरा करें।