LPG संकट के बीच भी स्कूलों में मिड डे मील जारी रहेगा, सरकार का बड़ा फैसला

बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1 करोड़ 30 लाख बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन किसी भी स्थिति में बंद नहीं होगा। राज्य सरकार ने सभी जिलों को सख्त निर्देश दिया है कि स्कूलों में बच्चों को समय पर और नियमित रूप से दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाए, ताकि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।मध्याह्न भोजन निदेशालय की ओर से सभी जिलों के ....

LPG संकट के बीच भी स्कूलों में मिड डे मील जारी रहेगा, सरकार का बड़ा फैसला

बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1 करोड़ 30 लाख बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन किसी भी स्थिति में बंद नहीं होगा। राज्य सरकार ने सभी जिलों को सख्त निर्देश दिया है कि स्कूलों में बच्चों को समय पर और नियमित रूप से दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाए, ताकि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।मध्याह्न भोजन निदेशालय की ओर से सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन) को पत्र भेजकर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि स्कूलों में भोजन की व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जिला स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए।निदेशक ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों का भोजन एलपीजी गैस से ही तैयार किया जाएगा। स्कूलों में गैस की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों से भी बातचीत की गई है, ताकि किसी तरह की बाधा न आए।

तेल कंपनियों ने दिया भरोसा
एलपीजी आपूर्ति को लेकर भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड से चर्चा की गई है। इंडियन ऑयल की ओर से आश्वासन दिया गया है कि विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।कंपनियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि स्कूलों में एलपीजी की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी।निदेशक विनायक मिश्र के मुताबिक तेल कंपनियों ने साफ किया है कि बिहार में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ऐसे में राज्य के सभी 38 जिलों में पहले की तरह स्कूलों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति जारी रहेगी और मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित नहीं होगी।

आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी कारण से किसी स्कूल में गैस सिलेंडर खत्म हो जाता है, तो आपात स्थिति में लकड़ी से भी भोजन बनाया जा सकता है। हालांकि, यह कोई नया निर्देश नहीं है बल्कि पहले से तय वैकल्पिक व्यवस्था का हिस्सा है।सामान्य परिस्थितियों में स्कूलों में भोजन एलपीजी गैस से ही तैयार किया जाएगा।राज्य सरकार का कहना है कि मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण और शिक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को नियमित और समय पर पौष्टिक भोजन मिलता रहे।अधिकारियों को इस पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।