‘AI से पूछिए… सब पता चल जाएगा’, रोहिणी आचार्य ने CM सम्राट पर दागे कई सवाल
बिहार में AI तकनीक और “हरे गमछे” वाले बयान को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के बयान के बाद अब विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को आयोजित AI समिट में सीएम ने कहा था कि...
बिहार में AI तकनीक और “हरे गमछे” वाले बयान को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के बयान के बाद अब विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को आयोजित AI समिट में सीएम ने कहा था कि पटना में करीब 4 हजार AI कैमरे लगाए गए हैं और अगर सिस्टम को “हरे गमछे वाले को खोजो” जैसा निर्देश दिया जाए, तो AI तुरंत ऐसे लोगों की पहचान कर सकता है। हालांकि बयान के तुरंत बाद उन्होंने यह भी कहा कि उनका इशारा किसी खास व्यक्ति या समूह की ओर नहीं था।
मुख्यमंत्री की सोच और मानसिकता
लेकिन इस बयान के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई। नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने कहा कि इस तरह का बयान मुख्यमंत्री की सोच और मानसिकता को दिखाता है।उनके अंदर कितनी नफरत है, इस बयान से पता चलता है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य का खजाना खाली है, महिलाओं को मिलने वाली दूसरी किस्त का इंतजार है और बिजली दरें लगातार बढ़ाई जा रही हैं।
AI से पूछ कर देखिए…
इसी बीच Rohini Acharya ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कई सवाल दागे। रोहिणी ने लिखा, “AI से पूछ कर देखिए… AI ये सब भी बता देता है।” इसके साथ उन्होंने 11 सवाल पूछे और एक राजनीतिक कार्टून भी शेयर किया।
रोहिणी के सवालों में शामिल था—
*तारापुर नरसंहार का आरोपी कौन था और जेल क्यों गया था?
*फर्जी डिग्री और फर्जी उम्र प्रमाण पत्र देने वाला कौन है?
*किसके पिता को सेना का भगोड़ा बताया जाता है?
*किसके पिता ने प्रधानमंत्री को जमीन में जिंदा गाड़ देने की बात कही थी?
*किसके एक नहीं, चार-चार नाम हैं?
*बिना स्कूली शिक्षा पूरी किए विदेशी डी-लिट की डिग्री किसने हासिल की?
*कौन “एफिडेविट” को “हाफीडिविट” बोलता है?
किसके चुनावी हलफनामों में अलग-अलग जानकारियां दी गईं?
*किसने प्रतिज्ञा पूरी किए बिना मुरेठा खोलकर सिर मुंडवा लिया?
*किसने खुद को ऑन-कैमरा गालीबाज बताया था?
*पटना के बोरिंग रोड इलाके में छेड़खानी के आरोप किस पर लगे थे?
*कौन कई पार्टियों के पत्तल चाट कर बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है ?
खास वर्ग को टारगेट करने की कोशिश
इतना ही नहीं रोहिणी ने अपने दूसरे पोस्ट में आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था और AI तकनीक के नाम पर राजनीतिक विरोधियों को डराने और एक खास वर्ग को टारगेट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती।वहीं, पूर्णिया सांसद Pappu Yadav ने भी इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि अब AI कैमरों और “हरे गमछे” वाले बयान को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।













