डिग्री पर बवाल: अशोक चौधरी बनाम सुनील सिंह — विधान परिषद में गरमा गया माहौल

बिहार की सियासत में बुधवार का दिन बेहद हंगामेदार रहा। बिहार विधान परिषद में मंत्री अशोक चौधरी और एमएलसी सुनील सिंह के बीच तीखी नोकझोंक ने सदन का माहौल गरमा दिया। मामला मंत्री की डिग्री पर लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा था, जिसने सत्ता और विपक्ष को आमने-सामने ला खड़ा किया। कार्यवाही के दौरान सुनील सिंह ने सीधा आरोप लगाया कि अशोक चौधरी की डिग्री फर्जी है। आरोप सुनते ही मंत्री ने कड़ा......

डिग्री पर बवाल: अशोक चौधरी बनाम सुनील सिंह — विधान परिषद में गरमा गया माहौल

बिहार की सियासत में बुधवार का दिन बेहद हंगामेदार रहा। बिहार विधान परिषद में मंत्री अशोक चौधरी और एमएलसी सुनील सिंह के बीच तीखी नोकझोंक ने सदन का माहौल गरमा दिया। मामला मंत्री की डिग्री पर लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा था, जिसने सत्ता और विपक्ष को आमने-सामने ला खड़ा किया। कार्यवाही के दौरान सुनील सिंह ने सीधा आरोप लगाया कि अशोक चौधरी की डिग्री फर्जी है। आरोप सुनते ही मंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया और ऊंची आवाज में कहा कि  सुनील सिंह मेरी डिग्री को नकली साबित करें. .नहीं तो इस्तीफा दें। इसके बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और दोनों पक्षों के सदस्य अपनी-अपनी जगह से बोलने लगे।

रिश्वत के आरोप से फिर बढ़ा तनाव
स्थिति बिगड़ती देख मंत्री विजय चौधरी ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण किसी पर आरोप लगाना नियमों के खिलाफ है और ऐसे बयानों को कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए। उनकी अपील के बाद कुछ देर के लिए माहौल शांत हुआ।हालांकि विवाद यहीं नहीं थमा। सुनील सिंह दोबारा खड़े हुए और दावा किया कि एक अधिकारी ने पत्र लिखकर रिश्वत मांगे जाने की बात कही है। उन्होंने संबंधित दस्तावेज सदन के पटल पर रखने की बात कही। इस बयान से एक बार फिर सदन में हलचल मच गई।अशोक चौधरी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सुनील सिंह का उद्देश्य जवाब पाना नहीं, बल्कि उन्हें निशाना बनाना है। उन्होंने कहा, सुनील कुमार सिंह  सिर्फ मुझे टारगेट करना चाहते हैं। उनकी समझने-बूझने की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया।

विधानसभा में भी गरमाया माहौल
बता दें कि बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन भी तीखी बयानबाजी देखने को मिली। जदयू विधायक विनय चौधरी ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उसका “इलाज” कर दिया है।उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे सदन में “डोलते-डोलते” आए थे। विनय चौधरी ने यह भी कहा कि चोट के बाद कोई इस तरह नहीं चलता और मेडिकल जांच की मांग की गई थी, लेकिन वो भाग गए। इस बयान पर विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और सदन में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।