दिल्ली गोलीकांड पर खेसारी का बड़ा बयान, सिस्टम और नेताओं पर साधा निशाना
राजधानी दिल्ली में हुई एक सनसनीखेज गोलीकांड ने अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया है। जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल द्वारा बिहार के दो युवकों.....
राजधानी दिल्ली में हुई एक सनसनीखेज गोलीकांड ने अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया है। जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल द्वारा बिहार के दो युवकों को गोली मारने की घटना ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है। इस घटना में एक युवक की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है।
बिहारी समुदाय के साथ इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब भोजपुरी इंडस्ट्री के मशहूर कलाकार खेसारीलाल यादव ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार, व्यवस्था और राजनीतिक नेताओं को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाए हैं।खेसारी लाल यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि देश की राजधानी दिल्ली में बिहारी समुदाय के साथ इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा ये हाल है देश की राजधानी दिल्ली का, जहां बिहारी एक दिन का ही हड़ताल कर दे, तो एक इंच घुसकना मुश्किल हो जाएगा।"। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
केवल दिखावे की राजनीति हो रही है,
खेसारी लाल यादव ने अपने बयान में समाज में बढ़ती नफरत, क्षेत्रवाद और “नैरेटिव की राजनीति” पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में असली मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल दिखावे की राजनीति हो रही है, जिसका नतीजा ऐसे दर्दनाक घटनाओं के रूप में सामने आ रहा है।खेसारी ने लिखा कि दिल्ली में हर सांसद, विधायक बिना बिहारी वोटर के सपोर्ट के जीत ही नहीं सकता और इस मुद्दे पर सबकी बोलती बंद है। अब सब लीपापोती में लग जाएंगे, ताकि ये मुद्दा दब जाए।उन्होंने लिखा, "ऐसे विकास का आचार लगाइएगा, जहां इतना भेदभाव हो। फोकसबाजी और रीलबाजी वाला नशा फैलाने से ये हाल हुआ है। दिन भर बस नैरेटिव का विकास होता हैं, हमारे देश में। इतना नफरत बो दिया गया है समाज में कि हम क्षेत्र के आधार पर एक दूसरे की जान ले रहे हैं। थू है।"
क्या है पूरा मामला?
शनिवार देर रात जाफरपुर कलां इलाके में एक जन्मदिन पार्टी से लौट रहे पांडव कुमार और उनके दोस्त कृष्ण पर गोली चला दी गई। आरोप है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल नीरज नशे की हालत में था। उसने पहले युवकों से सवाल-जवाब किया, फिर गाली-गलौज की और विरोध होने पर पिस्टल निकालकर गोली चला दी।इस गोलीबारी में पांडव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कृष्ण गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को दीनदयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उसके कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी
बता दें कि मृतक पांडव कुमार बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला था और दिल्ली में जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय के रूप में काम करता था। वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी — छोटे भाई की पढ़ाई से लेकर घर के खर्च तक।पांडव की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब उनके घर में रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।













