बिहार के नए राज्यपाल बने सैयद अता हसनैन, शपथ ग्रहण समारोह में CM नीतीश और दोनों डिप्टी CM रहे मौजूद

सैयद अता हसनैन ने आज बिहार के नए राज्यपाल की शपथ ली। वे राज्य के 43वें राज्यपाल होंगे। पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के.विनोद चंद्रन उन्हें शपथ दिलाई। लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह में CM नीतीश और दोनों डिप्टी CM मौजूद रहे।

बिहार के नए राज्यपाल बने सैयद अता हसनैन, शपथ ग्रहण समारोह में CM नीतीश और दोनों डिप्टी CM रहे मौजूद

बिहार को नया राज्यपाल मिल गया है। पूर्व सैन्य अधिकारी सैयद अता हसनैन ने शनिवार को राजभवन के लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल पद की शपथ ली। पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई मंत्री, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण समारोह में रही कड़ी सुरक्षा
राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर ली थीं। राजभवन परिसर में सुरक्षा और प्रोटोकॉल की विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि समारोह सुचारु और गरिमामय ढंग से संपन्न हो सके।नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन  गुरूवार 12 मार्च को पटना पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया था। इस दौरान बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार  ने उनका स्वागत किया और बिहार सरकार की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

सेना में 40 वर्षों का अनुभव
नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं। करीब 40 वर्षों तक सेना में सेवा देने के बाद वह लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए।अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आतंकवाद विरोधी अभियानों में नेतृत्व करने के कारण उन्हें सुरक्षा और रणनीतिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।

आरिफ मोहम्मद खान का कार्यकाल रहा शांतिपूर्ण
वहीं नए राज्यपाल की नियुक्ति से पहले आरिफ मोहम्मद खान करीब 428 दिनों तक बिहार के राज्यपाल रहे। उनका कार्यकाल भले ही छोटा रहा, लेकिन राजनीतिक तौर पर शांत और विवादों से दूर माना गया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों ही उनके कार्यशैली की सराहना करते रहे। वहीं अब सैयद अता हसनैन के रूप में बिहार को एक ऐसा राज्यपाल मिला है, जिनके पास सैन्य अनुभव के साथ-साथ सुरक्षा और रणनीतिक मामलों की गहरी समझ है।