जेपीएससी परीक्षा धांधली में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को सीआईडी ने किया गिरफ्तार, कई दौर की पूछताछ के बाद जांच एजेंसी का बड़ा एक्शन

जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ परीक्षार्थी और छात्र संगठनों के विधानसभा घेराव के बीच अनियमितता और धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। जेपीएससी विवाद में इसे अब तक की सबसे अहम और बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।  

जेपीएससी परीक्षा धांधली में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को सीआईडी ने किया गिरफ्तार, कई दौर की पूछताछ के बाद जांच एजेंसी का बड़ा एक्शन

DESWA DESK : जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ परीक्षार्थी और छात्र संगठनों के विधानसभा घेराव के बीच अनियमितता और धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। जेपीएससी विवाद में इसे अब तक की सबसे अहम और बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।  

गिरफ्तारी के बाद सीआईडी की टीम उन्हें पूछताछ के लिए अपने मुख्यालय ले गई, जहां से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। 1988 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी एल. खियांग्ते से सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) 28 जुलाई से अब तक चार से अधिक बार गहन पूछताछ कर चुकी थी। इससे पहले सीआईडी ने उनके निजी आवास और जेपीएससी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। जांच एजेंसी का शिकंजा कसते ही खियांग्ते ने 22 जुलाई को जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 14वीं सिविल सेवा परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं के दौरान ओएमआर शीट में छेड़छाड़ करने, अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराने और परीक्षा कराने वाली एजेंसी को अनुचित लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। जांच के दौरान कथित तौर पर दो करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य सामने आए हैं। सीआईडी इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या किसी पूर्व में ब्लैकलिस्टेड आउटसोर्सिंग कंपनी को टेंडर देने में वित्तीय हेरफेर की गई थी।

पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी से पहले सीआईडी आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद को भी समन भेजकर पूछताछ कर चुकी है। सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद अब आयोग के कई अन्य अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका की गहनता से जांच की जाएगी। इस हाईप्रोफाइल मामले में अब तक परीक्षा नियंत्रक और एजेंसी प्रतिनिधियों समेत कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ परीक्षार्थी और छात्र संगठन लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष और सीबीआई जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। विपक्ष सरकार पर हमलावर है, जबकि सत्ता पक्ष सीआईडी की कार्रवाई को पारदर्शी जांच का प्रमाण बता रहा है।