IAS संजीव हंस पर फिर सवाल, शास्त्रीनगर थाने में दर्ज हुई ताज़ा FIR

पटना के शास्त्रीनगर थाना परिसर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजिव हंस से जुड़े एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद में नया अध्याय जुड़ गया है। महिला अधिवक्ता गायत्री देवी (जादव) थाने पहुंचीं और एक नई एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने खुद को संजीव हंस की पत्नी और उनके बच्चे की मां बताते हुए न्याय की मांग की है।गायत्री देवी का कहना है कि वे अपने बच्चे को उसके.........

IAS संजीव हंस पर फिर सवाल, शास्त्रीनगर थाने में दर्ज हुई ताज़ा FIR

पटना के शास्त्रीनगर थाना परिसर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजिव हंस से जुड़े एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद में नया अध्याय जुड़ गया है। महिला अधिवक्ता गायत्री देवी (जादव) थाने पहुंचीं और एक नई एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने खुद को संजीव हंस की पत्नी और उनके बच्चे की मां बताते हुए न्याय की मांग की है।गायत्री देवी का कहना है कि वे अपने बच्चे को उसके पिता से मिलवाने के उद्देश्य से आईएएस अधिकारी के आवास पर गई थीं। आरोप है कि वहां उनके साथ जो व्यवहार हुआ, उसने उन्हें मानसिक रूप से आहत कर दिया। इसी को लेकर उन्होंने शास्त्रीनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

यह विवाद नया नहीं, पुरानी परतें फिर खुलीं
यह मामला पहली बार सामने नहीं आया है। 1997 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी संजीव हंस बीते कुछ वर्षों से लगातार विवादों और जांचों के घेरे में रहे हैं।उन पर भ्रष्टाचार, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति अर्जन जैसे आरोपों की जांच अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं।गायत्री देवी द्वारा दर्ज कराई गई यह नई एफआईआर उसी व्यापक पृष्ठभूमि में सामने आई है, जिसमें संजीव हंस पहले से ही कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे हैं।वहीं, उनके वकीलों का दावा है कि अधिकारी को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है, जबकि जांच एजेंसियां तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की बात कह रही हैं।

जनवरी 2023 से शुरू हुआ था बड़ा विवाद
इस पूरे मामले की जड़ जनवरी 2023 तक जाती है, जब एक महिला ने संजीव हंस और राजद के पूर्व विधायक गुलाब यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे।हालांकि उस एफआईआर को सितंबर 2023 में पटना हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था, लेकिन उसी दौरान संजीव हंस के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच शुरू हुई, जो अब भी जारी है।शास्त्रीनगर थाने में दर्ज ताज़ा शिकायत ने इस लंबे और संवेदनशील मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।आने वाले दिनों में पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई यह तय करेगी कि यह विवाद किस मोड़ पर पहुंचता है और क्या इसमें कोई निर्णायक परिणाम सामने आता है।