सुपौल की सरकारी शिक्षिका को मिली राष्ट्रीय पहचान; उनके देशभक्ति गीत को कुमार सानू ने दी आवाज,15 अगस्त से पहले हुआ रिलीज
सुपौल के मध्य विद्यालय चकडुमरिया में कार्यरत शिक्षिका एवं नगर परिषद वार्ड संख्या-13 निवासी कल्याणी स्वरूपा की रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान मिली है। उनकी पुस्तक ‘अंदाज जिंदगी के’ एक देशभक्ति गीत “जब कभी हम अपना तिरंगा लहराएंगे, सीमा से जो न लौटे वह शहीद याद आएंगे” को प्रसिद्ध पार्श्व गायक कुमार सानू ने अपनी आवाज दी है।
DESWA DESK : सुपौल के मध्य विद्यालय चकडुमरिया में कार्यरत शिक्षिका एवं नगर परिषद वार्ड संख्या-13 निवासी कल्याणी स्वरूपा की रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान मिली है। उनकी पुस्तक ‘अंदाज जिंदगी के’ एक देशभक्ति गीत “जब कभी हम अपना तिरंगा लहराएंगे, सीमा से जो न लौटे वह शहीद याद आएंगे” को प्रसिद्ध पार्श्व गायक कुमार सानू ने अपनी आवाज दी है।
गीत को स्वतंत्रता दिवस से पहले रिलीज किया गया है।कल्याणी के गीतों से प्रभावित होकर कुमार सानू की म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर पिंटू कुमार ने उनसे संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें मुंबई जाकर कुमार सानू से मिलने का अवसर मिला। गीत की रिकॉर्डिंग एक मई को पूरी हुई थी। कल्याणी ने बताया कि बचपन से गीत लिखने का सपना था, जो अब साकार होता नजर आ रहा है। उनकी पुस्तक में कुल 14 देशभक्ति गीत शामिल हैं।
बचपन की सहेली एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय बलुआ की प्राचार्या डॉ. अर्चना कुमारी ने उनकी प्रतिभा और संघर्ष को याद करते हुए उपलब्धि पर खुशी जताई। कल्याणी की सफलता से शिक्षकों, विद्यार्थियों और संगीत प्रेमियों में उत्साह है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार, मित्रों और सहयोगी शिक्षकों को दिया। यह उपलब्धि सुपौल के साथ उन शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा है, जो जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं।
सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट













