राजधानी पटना में जलजमाव होने पर नपेंगे अधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त ने दे दिया है बड़ा निर्देश..सभी अफसर क्षेत्र में रहें

बारिश के पानी में राजधानी पटना को डूबने से बचाने के लिए फिर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। जलजमाव पर जीरो टॉलरेंस के दावे प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े कर रहे हैं। लेकिन जो स्थितियां है, उससे साफ है कि अगर झमाझम बारिश हुई तो पटना फिर डूबेगी। अब भी कई जगहों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं और गड्ढों को भरने का काम पूरा नहीं किया गया है।

राजधानी पटना में जलजमाव होने पर नपेंगे अधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त ने दे दिया है बड़ा निर्देश..सभी अफसर क्षेत्र में रहें

DESWA DESK : बारिश के पानी में राजधानी पटना को डूबने से बचाने के लिए फिर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। जलजमाव पर जीरो टॉलरेंस के दावे प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े कर रहे हैं। लेकिन जो स्थितियां है, उससे साफ है कि अगर झमाझम बारिश हुई तो पटना फिर डूबेगी। अब भी कई जगहों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं और गड्ढों को भरने का काम पूरा नहीं किया गया है।

आज प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में पटना शहरी क्षेत्र में जल जमाव एवं इससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं के निदान को लेकर उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया। बैठक में कहा गया कि जलजमाव पर जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाई जाएगी और अतिवृष्टि की स्थिति में इसे रोकने के लिए त्रुटिहीन व्यवस्था सुनिश्चित  की जाएगी। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पटना को इस बार हर हाल में सुरक्षित रखना है और जलजमाव होने पर संबंधित अधिकारी पर भी सख्त कार्रवाई होगी। 

आयुक्त ने कहा कि शहर के नौ बड़े नालों सहित सभी छोटे-बड़े नालों की उड़ाही एवं साफ-सफाई का सत्यापन कराएं और इसमें लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करें। आयुक्त ने कहा कि जलनिकासी की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना सबका दायित्व है। आयुक्त मयंक वरवड़े ने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में पटना में जलनिकासी की सुगम एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग एवं तत्पर रहें। आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में उच्चस्तरीय बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जलजमाव पर सरकार का जीरो टॉलरेंस है। सभी अधिकारी भारतीय मौसम विभाग की पूर्व सूचना के आधार पर रणनीति बनाकर कार्य करें। मॉनसून को ध्यान में रखकर सभी विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी योजनाबद्ध ढंग से काम करें। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना सभी पदाधिकारियों का दायित्व है। 

इसके लिए पथ निर्माण, विद्युत, पुल निर्माण, बुडको, नगर निगम, मेट्रो, एनएचएआई, जिला प्रशासन सहित सभी हितधारकों के बीच सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद सुनिश्चित करें। प्रमंडलीय आयुक्त ने इन विभागों तथा एजेंसियों के अधिकारियों को जल निकासी के लिए लंबित कार्यों को अतिशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वे इसकी पुनः समीक्षा करेंगे तथा निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत, बुडको, मेट्रो, नमामि गंगे, गेल, बीएसएनएल सहित कोई भी विभाग या एजेंसी सड़क को नहीं काटेगी। यदि ऐसा करना अपरिहार्य हो तथा जल निकासी में कोई अवरोध उत्पन्न नहीं हो तो संबंधित एजेंसी पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त कर ही सड़क को काटेगी एवं कार्य शीघ्र पूर्ण कर सड़क को रेस्टोर करेगी। आयुक्त ने यह भी कहा कि जैसे ही बारिश हो नगर कार्यपालक पदाधिकारी, बुडको के अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के सारे अधिकारी क्षेत्र में रहें एवं स्थिति के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करें। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि जलजमाव के मुख्य कारणों में से एक कम समय में अधिक वर्षा होना है। इसे रोकने के लिए सभी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन पर पम्प कार्यरत रहना चाहिए।  डीपीएस में कोई भी यांत्रिक या विद्युत त्रुटि नहीं रहनी चाहिए। बिजली आपूर्ति में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। पम्प का ससमय संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। डीपीएस की जल निकासी क्षमता आवश्यकता के अनुरूप होनी चाहिए। नाला जाम न हो एवं नालों का ओवरफ्लो न हो, इसके साथ-साथ नालों को अतिक्रमणमुक्त रखना तथा क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मत भी आवश्यक है। 

आयुक्त ने बुडको के सभी स्थायी व अस्थायी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से चालू रखने का निर्देश दिया।  इस दौरान जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने आयुक्त को बताया कि इस वर्ष भी वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर शहर के सभी प्रमुख नालों की जांच करायी गई है। अद्यतन स्थिति का जायजा लेने के लिए नियमित तौर पर संयुक्त जांच करायी जाती है।