राहुल गांधी का पटना दौरा अब 15 को : कोचिंग हब में करेंगे छात्र सम्मेलन..मुसल्लहपुर हाट में कर सकते हैं पैदल मार्च
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का प्रस्तावित पटना दौरा अब 11 जुलाई के बजाय 15 जुलाई को संभावित है। अपने इस दौरे के दौरान राहुल गांधी पटना में छात्र सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रदेश कांग्रेस इस आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए पूरी ताकत से जुट गई है।
DESWA DESK : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का प्रस्तावित पटना दौरा अब 11 जुलाई के बजाय 15 जुलाई को संभावित है। अपने इस दौरे के दौरान राहुल गांधी पटना में छात्र सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रदेश कांग्रेस इस आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए पूरी ताकत से जुट गई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी पटना के प्रमुख कोचिंग हब मुसल्लहपुर हाट इलाके में रोड शो भी कर सकते हैं ताकि सीधे तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद साधा जा सके। हालांकि कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व ने अभी इस पैदल मार्च की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पटना के सदाकत आश्रम में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी के स्वागत से लेकर छात्र सम्मेलन को सफल बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई और वरिष्ठ नेताओं व जिलाध्यक्षों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि राहुल गांधी का यह दौरा बिहार के युवाओं और छात्रों में नया जोश भरेगा। छात्र सम्मेलन में राज्यभर से रिकॉर्ड संख्या में युवा और छात्र शामिल होंगे। बैठक में राहुल गांधी के दौरे के अलावा पार्टी के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
कांग्रेस अब बिहार में संगठन सृजन अभियान के तहत मंडल और बूथ स्तर तक कमेटियों का निर्माण करने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने सभी सांगठनिक जिलों के अध्यक्षों की रिपोर्ट का विश्लेषण किया और जुलाई अंत तक के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए। जुलाई के अंत में महाराष्ट्र के वर्धा में होने वाले जिलाध्यक्षों के 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भी नेताओं से सुझाव मांगे गए।
बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारु ने कहा कि यह अभियान आने वाले समय में संगठन को धारदार और जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। बिहार कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी का यह पहला बड़ा बिहार दौरा है, ऐसे में पार्टी इसे भुनाने और राज्य में राजनीतिक जमीन को और मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।













