तेज प्रताप यादव का बदला रुख: कभी विरोध, अब धीरेंद्र शास्त्री से भविष्य की चर्चा
बिहार की सियासत में एक दिलचस्प मोड़ सामने आया है, जहां कभी तीखे विरोध के लिए चर्चा में रहे तेजप्रताप यादव अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस बदले...
बिहार की सियासत में एक दिलचस्प मोड़ सामने आया है, जहां कभी तीखे विरोध के लिए चर्चा में रहे तेजप्रताप यादव अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस बदले हुए तेवर ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।हाल ही में सामने आए एक वीडियो में तेज प्रताप यादव वीडियो कॉल पर धीरेंद्र शास्त्री से मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मेरा थोड़ा राजनीतिक भविष्य देख लीजिए।” इस पर धीरेंद्र शास्त्री जवाब देते हैं, “जब साथ बैठेंगे, तब देख लेंगे।” यह हल्की-फुल्की बातचीत अब एक बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखी जा रही है।
जरूरत पड़ी तो पटना एयरपोर्ट का घेराव भी करेंगे
गौरतलब है कि यही तेज प्रताप यादव पहले धीरेंद्र शास्त्री के बिहार आगमन के कट्टर विरोधी रहे हैं। साल 2023 में जब धीरेंद्र शास्त्री पटना के नौबतपुर में कथा के लिए आने वाले थे, तब तेज प्रताप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि बिहार गांधी और बुद्ध की धरती है, और यहां किसी भी तरह का सांप्रदायिक तनाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यहां तक चेतावनी दी थी कि जरूरत पड़ी तो पटना एयरपोर्ट का घेराव भी करेंगे।
धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा..
इतना ही नहीं, अपने मंत्री पद के दौरान भी तेज प्रताप ने बिना नाम लिए धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा था। उन्होंने खुद को “बड़ा बाबा” बताते हुए तीखी टिप्पणी की थी ।उन्होंने कहा था, 'बहुत बाबा आए, लेकिन हम बहुत बड़े बाबा हैं। हम जमीन से लेकर पाताल तक नाप देंगे। वहीं एक इंटरव्यू में धीरेंद्र शास्त्री की तुलना विवादित धर्मगुरुओं से भी कर दी थी। बता दें कि अब उसी शख्स से सहज बातचीत और राजनीतिक भविष्य जानने की इच्छा ने उनके रुख में आए बदलाव को साफ तौर पर दिखाया है। यह बदलाव सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर है या इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति है—यह आने वाले समय में और स्पष्ट हो सकता है।फिलहाल, विरोध से संवाद तक का यह सफर बिहार की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।













