आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का लोकभवन मार्च शुरू; छावनी में तब्दील हुई राजधानी; पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात
आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में आज राजधानी पटना की सड़कों पर लोकभवन मार्च निकाला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के तेवरों और मार्च के संभावित रुख को देखते हुए राजधानी का प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट पर है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रामगुलाम चौक और जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर के रोक दिया है। उन्हें आगे नहीं बढ़ने देने की पूरी कोशिश की जा रही है। हालांकि कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल लोग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
DESWA DESK : आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में आज राजधानी पटना की सड़कों पर लोकभवन मार्च निकाला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के तेवरों और मार्च के संभावित रुख को देखते हुए राजधानी का प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट पर है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रामगुलाम चौक और जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर के रोक दिया है। उन्हें आगे नहीं बढ़ने देने की पूरी कोशिश की जा रही है। हालांकि कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल लोग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
अधिकार मार्च के मद्देनजर जेपी गोलंबर से लेकर लोकभवन तक चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की मदद ली गई है। बिहार पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियों को संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात किया गया है। शहर के हर छोटे-बड़े चौक-चौराहे पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। किसी भी अनहोनी या हिंसक स्थिति से निपटने के लिए जेपी गोलंबर पर वॉटर कैनन और वज्र वाहन मुस्तैद रखे गए हैं।
इस अधिकार मार्च के जरिए भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने बिहार की शिक्षा प्रणाली, बहाली प्रक्रियाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं। बीपीएससी 70वीं परीक्षा में कथित गड़बड़ी की न्यायिक जांच कराने तथा बीपीएससी अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी कर रहे हैं। इसके साथ ही, बिहार की सभी सरकारी नौकरियों व बहलियों में राज्य के युवाओं के लिए 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी की जा रही है।
वहीं, अति पिछड़ा, दलित एवं अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे अत्याचार, शोषण और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की जा रही है। साथ ही, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की तर्ज पर अति पिछड़ा अत्याचार निवारण कानून का गठन तथा दलित-शोषित वर्ग के लिए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने की सुगम व्यवस्था करने की माग प्रदर्शनकारी कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन देने या प्रदर्शन करने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन बैरिकेडिंग तोड़ने या लोकभवन की तरफ जबरन घुसने का प्रयास करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मार्च के कारण मध्य पटना की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और बेली रोड के आसपास से गुजरने वाले आम यात्रियों को अन्य वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
यदि आप पटना में हुए BPSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का वीडियो देखना चाहते हैं, तो यह रिपोर्ट देख सकते हैं।
यह वीडियो पटना के गांधी मैदान से राजभवन मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच उत्पन्न हुई वास्तविक स्थिति को समझने के लिए उपयोगी है।













