बीपीएससी टीआरई-4 अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री का आवास घेरा, मंत्री बोले- सरकार युवाओं के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील
बीपीएससी की शिक्षक बहाली परीक्षा (टीआरई-4) में अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर राजधानी पटना में विरोध प्रदर्शन जारी है। एकल परीक्षा आयोजित करने और नेगेटिव मार्किंग हटाने के साथ ही सौ फीसदी डोमिसाइल समेत कई मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास पर पहुंचे। शिक्षा मंत्री स्वयं अपने आवास से बाहर निकले और छात्रों से सीधा संवाद किया। अभ्यर्थियों ने हाथ जोड़कर अपनी समस्याएं रखीं, जिन्हें मंत्री ने बेहद गंभीरता से सुना और सकारात्मक समाधान का भरोसा दिलाया।
DESWA DESK : बीपीएससी की शिक्षक बहाली परीक्षा (टीआरई-4) में अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर राजधानी पटना में विरोध प्रदर्शन जारी है। एकल परीक्षा आयोजित करने और नेगेटिव मार्किंग हटाने के साथ ही सौ फीसदी डोमिसाइल समेत कई मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास पर पहुंचे। शिक्षा मंत्री स्वयं अपने आवास से बाहर निकले और छात्रों से सीधा संवाद किया। अभ्यर्थियों ने हाथ जोड़कर अपनी समस्याएं रखीं, जिन्हें मंत्री ने बेहद गंभीरता से सुना और सकारात्मक समाधान का भरोसा दिलाया।
छात्रों का कहना है कि जब एसटीईटी-2026 के अभ्यर्थियों को टीआरई-4 में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है, तो सीटीईटी-2026 के अपीयरिंग छात्रों के साथ भी वही नीति अपनाई जानी चाहिए। परीक्षा में कुल रिक्तियों की संख्या बढ़ाने तथा भोजपुरी विषय में अलग से सीटें सृजित की मांग भी की गई। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग एकल परीक्षा कराने, नेगेटिव मार्किंग हटाने और अधिकतम उम्र सीमा में छूट देने की है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र किसी के बहकावे में न आएं और अपनी समस्याएं सीधे सरकार व शिक्षा विभाग के समक्ष रखें। मंत्री ने कहा कि छात्रों की हर जायज समस्या का समाधान निकालने के लिए हमारे दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। बातचीत के जरिए हर जटिल मुद्दे का रास्ता निकाला जाएगा। फिलहाल, अभ्यर्थियों का एक दल गर्दनीबाग में डटा हुआ है। शिक्षा मंत्री से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार और आयोग द्वारा लिए जाने वाले अगले प्रशासनिक फैसलों पर टिकी है।













