आवश्यकता पड़ने पर खुद वाल्मीकिनगर जा सकते हैं सीएम सम्राट चौधरी, त्रिशूली नदी का बांध टूटने से उत्तर बिहार में बाढ़ का गंभीर खतरा

चीन के तिब्बत क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ और नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली नदी का बांध टूटने से उत्तर बिहार में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान का सीधा असर बिहार की सीमा से सटे इलाकों पर पड़ने की आशंका है। इस आपात स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट घोषित किया गया है। गंडक नदी के जलस्तर में कुछ ही घंटों के भीतर अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक की और स्पष्ट किया कि मुख्य सचिव व डीजीपी स्थिति पर पल-पल की नज़र बनाए हुए हैं, और आवश्यकता पड़ने पर वे खुद वाल्मीकिनगर का दौरा करेंगे।

आवश्यकता पड़ने पर खुद वाल्मीकिनगर जा सकते हैं सीएम सम्राट चौधरी, त्रिशूली नदी का बांध टूटने से उत्तर बिहार में बाढ़ का गंभीर खतरा

DESWA DESK : चीन के तिब्बत क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ और नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली नदी का बांध टूटने से उत्तर बिहार में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान का सीधा असर बिहार की सीमा से सटे इलाकों पर पड़ने की आशंका है।

इस आपात स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट घोषित किया गया है। गंडक नदी के जलस्तर में कुछ ही घंटों के भीतर अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक की और स्पष्ट किया कि मुख्य सचिव व डीजीपी स्थिति पर पल-पल की नज़र बनाए हुए हैं, और आवश्यकता पड़ने पर वे खुद वाल्मीकिनगर का दौरा करेंगे।

इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर एवं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विभिन्न प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने नवगछिया राघोपुर दियारा, कोसी-गंगा संगम क्षेत्र, बेगूसराय एवं बख्तियारपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा नदी एवं इसकी सहायक नदियों के जलस्तर, दियारा एवं निचले इलाकों में उत्पन्न स्थिति तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, राहत सामग्री एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

 हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने भागलपुर एयरपोर्ट पर उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बाढ़ की स्थिति, जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि तेजी से पानी का दवाब कम हो रहा है।  बहुत जल्द स्थिति में सुधार होगा। आपके द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखी जाएं तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा जलस्तर एवं बाढ़ की स्थिति में होने वाले किसी भी बदलाव की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। 

 मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अविलंब मरम्मती कार्य कराने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे और लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों को पूरी सहायता उपलब्ध कराते रहें। राहत और बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी और संवेदनशीलता के साथ करें।