छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद एक्शन में चिराग; अभ्यर्थियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, कहा-युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे
टीआरई-4 की एकल परीक्षा और नेगेटिव मार्किंक हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को पटना की सड़कों पर उतरे छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद राजधानी में देर रात तक सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज रही। अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद केंद्रीय मंत्री व लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान देर रात सीधे गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर छात्रों की मांगों को मजबूती से रखा।
DESWA DESK : टीआरई-4 की एकल परीक्षा और नेगेटिव मार्किंक हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को पटना की सड़कों पर उतरे छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद राजधानी में देर रात तक सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज रही। अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद केंद्रीय मंत्री व लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान देर रात सीधे गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर छात्रों की मांगों को मजबूती से रखा।
धरनास्थल पर दो हफ्ते से अधिक समय से डटे अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनने के बाद चिराग पासवान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुख्यमंत्री आवास जाकर सीएम सम्राट चौधरी से सीधे बातचीत की। गर्दनीबाग में आंदोलनरत छात्रों के बीच पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों का लंबे समय से चल रहा संघर्ष चिंताजनक है। एनडीए सहयोगी के रूप में युवाओं की आवाज सरकार तक पहुंचाना उनका नैतिक कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से छात्रों का संघर्ष देखने को मिला, उसने मेरी चिंताएं बढ़ाई हैं। युवाओं और अभ्यर्थियों की जायज मांगों का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए। अब समय आ गया है कि बैठकर कोई जायज समाधान निकाला जाए। अभ्यर्थियों से संवाद के तुरंत बाद चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और 70वीं बीपीएससी एवं टीआरई-4 अभ्यर्थियों की मांगों का पूरा ब्यौरा उनके समक्ष रखा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए चिराग ने बताया कि मुख्यमंत्री ने छात्रों के भविष्य से जुड़े इन विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने और शीघ्र सकारात्मक समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
इससे पहले, मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों की संख्या में छात्र पटना की सड़कों पर उतर आए थे। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कई स्थानों पर लाठीचार्ज करना पड़ा और वाटर कैनन की मदद से अभ्यर्थियों को तितर-बितर किया गया। पुलिसिया कार्रवाई के बाद छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया था, जिसके बाद चिराग पासवान के इस कदम को स्थिति को शांत करने और संवाद कायम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।













