एलजेपीआर विधायक रानू और उनके भाई सोनू सिंह की मुश्किलें बढ़ी;  पुलिस कोर्ट से मांगेगी गिरफ्तारी वारंट, संपत्ति की ईओयू जांच की तैयारी

सीतामढ़ी के बेलसंड से लोजपा (रामविलास) के विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रंगदारी, जालसाजी और जमीन पर अवैध कब्जे के गंभीर मामलों में मुजफ्फरपुर पुलिस दोनों भाइयों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट हासिल करने के लिए अर्जी दाखिल करने जा रही है। पुलिस ने अदालत में पुख्ता वीडियो साक्ष्य और केस डायरी पेश की है।

एलजेपीआर विधायक रानू और उनके भाई सोनू सिंह की मुश्किलें बढ़ी;  पुलिस कोर्ट से मांगेगी गिरफ्तारी वारंट, संपत्ति की ईओयू जांच की तैयारी

DESWA DESK : सीतामढ़ी के बेलसंड से लोजपा (रामविलास) के विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रंगदारी, जालसाजी और जमीन पर अवैध कब्जे के गंभीर मामलों में मुजफ्फरपुर पुलिस दोनों भाइयों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट हासिल करने के लिए अर्जी दाखिल करने जा रही है। पुलिस ने अदालत में पुख्ता वीडियो साक्ष्य और केस डायरी पेश की है।

विधायक रानू और उनके भाई पर मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के अलग-अलग थानों में दर्ज कुल 25 मामलों में से आठ में सीधे नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा, सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर थाने में भी विधायक के खिलाफ एक पुराना गंभीर मामला दर्ज है। मामला 20 अगस्त का है, जब मुजफ्फरपुर के अहियापुर (झपहां) इलाके में रंगदारी और अवैध कब्जे की नीयत से 50 से अधिक लोग 20 से ज्यादा गाड़ियों पर सवार होकर पहुंचे। इनमें से कई वाहनों पर लोजपा (रा.) के झंडे लगे थे। दोपहर के वक्त जेसीबी की मदद से 25 लोगों के बने-बनाए मकानों और बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया गया।

पीड़ितों के अनुसार बदमाशों ने धमकी देते हुए कहा कि यहां रहने या मकान बनाने के लिए 'बॉस' को रुपए देने होंगे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि विधायक और उनके भाई के लिए उनके गुर्गे इसी 'बॉस' कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। बोचहां सीओ की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जमीन पर बुलडोजर चलाया गया, पीड़ित उस पर 2022 से वैध रसीद कटवाकर रह रहे हैं।

रविवार को मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने खुद घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद विधायक के आवास पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में अहियापुर थाने में एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा, कच्ची पक्की ओपी (भिखनपुरा) क्षेत्र में विधायक के रिश्तेदार कुणाल सिंह की तलाशी के दौरान पुलिस से दुर्व्यवहार करने पर कुणाल सिंह, संतोष सिंह और अन्य के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

विधायक के घर हुई छापेमारी के दौरान पुलिस को 2017 के कई ब्लैंक (खाली) हस्ताक्षरित स्टांप पेपर और पार्टनरशिप दस्तावेज मिले हैं, जिससे बड़े पैमाने पर जालसाजी की पुष्टि होती है। मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि अवैध तरीके से जमीन कब्जे को लेकर सक्रिय गैंग को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। पुलिस दोनों भाइयों की संपत्ति जब्त करने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है।