डाकबंगला पर बंकर गाड़ी तैनात, आईपीएस अधिकारी के सामने लगे पुलिस गो बैक के नारे; पटना में भयंकर जाम
पुलिस प्रशासन द्वारा लोहे की शील्ड और बैरिकेड्स लगाने के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने डाकबंगला चौराहे पर बंकर गाड़ी की तैनाती कर दी है। अमूमन बारूदी सुरंगों से सुरक्षा देने वाले इस विशेष वाहन का इस्तेमाल नक्सल प्रभावित इलाकों में किया जाता है, लेकिन शहर के मुख्य चौराहे पर इसकी तैनाती से इलाके में भारी मुस्तैदी और तनाव का माहौल है।
DESWA DESK : बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) में पीटी-मेंस की जगह एकल परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। डाकबंगला चौराहे पर जारी छात्रों के उग्र प्रदर्शन ने अब बेहद गंभीर रूप ले लिया है।
पुलिस प्रशासन द्वारा लोहे की शील्ड और बैरिकेड्स लगाने के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने डाकबंगला चौराहे पर बंकर गाड़ी की तैनाती कर दी है। अमूमन बारूदी सुरंगों से सुरक्षा देने वाले इस विशेष वाहन का इस्तेमाल नक्सल प्रभावित इलाकों में किया जाता है, लेकिन शहर के मुख्य चौराहे पर इसकी तैनाती से इलाके में भारी मुस्तैदी और तनाव का माहौल है।
डाकबंगला चौराहे पर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी लगातार डटे हुए हैं। जब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आईपीएस अधिकारी कोमल मीणा मौके पर पहुंचीं तो आक्रोशित छात्रों ने उनके सामने ही जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस गो बैक के नारे लगाए। प्रदर्शन का आलम यह है कि कई अभ्यर्थी चौराहे पर खड़ी बसों के ऊपर चढ़ गए हैं और वहां से सरकार व आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। लोहे की शील्ड का एक हिस्सा गिराने के बाद छात्रों का कब्जा चौराहे के मुख्य हिस्से पर बना हुआ है।
छात्रों के इस अभूतपूर्व आंदोलन को देखते हुए पटना पुलिस ने एहतियातन शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग कर दी है। इसका सीधा असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। डाकबंगला चौराहा सील होने से इनकम टैक्स चौराहा, हाईकोर्ट मोड़ और वीरचंद पटेल पथ पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। दफ्तर आने-जाने वाले लोगों, एम्बुलेंस और स्कूली गाड़ियों को भीषण जाम का सामना करना पड़ रहा है।
एक तरफ जहां राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बयान जारी कर कहा है कि छात्रों की सभी समस्याओं का समयबद्ध समाधान कर दिया गया है और आज से 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' की शुरुआत की गई है, वहीं दूसरी तरफ अभ्यर्थी बिना किसी लिखित और ठोस आधिकारिक अधिसूचना के हटने को तैयार नहीं हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान वाटर कैनन और सुरक्षा घेरे के साथ तैनात हैं, वहीं अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से छात्रों को शांत कराने और यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।













