डेहरी घटना के बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला: बिहार के नगर आयुक्तों और ईओ को मिलेगी सुरक्षा, आर्म्स लाइसेंस में दी जाएगी प्राथमिकता

रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की निर्मम हत्या के बाद हरकत में आई बिहार सरकार ने नगर निकायों के प्रशासनिक प्रमुखों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण, अवैध निर्माण और राजस्व वसूली से जुड़े मामलों में अधिकारियों पर मंडराते खतरों को देखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था का नया खाका तैयार किया है।

डेहरी घटना के बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला: बिहार के नगर आयुक्तों और ईओ को मिलेगी सुरक्षा, आर्म्स लाइसेंस में दी जाएगी प्राथमिकता

DESWA DESK : रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की निर्मम हत्या के बाद हरकत में आई बिहार सरकार ने नगर निकायों के प्रशासनिक प्रमुखों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण, अवैध निर्माण और राजस्व वसूली से जुड़े मामलों में अधिकारियों पर मंडराते खतरों को देखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था का नया खाका तैयार किया है।

विभाग ने राज्य के सभी डीएम, जिला दंडाधिकारियों और एसपी-एसएसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वे नगर आयुक्तों और कार्यपालक अधिकारियों की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता दें। यदि कोई नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी आत्मरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस का आवेदन करता है तो जिला प्रशासन बिना किसी देरी के उसका त्वरित निष्पादन करेगा। डीएम और एसपी मिलकर जिले के सभी नगर निकायों की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों और उच्च जोखिम वाले पदों पर तैनात अधिकारियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की रूपरेखा तय की जाएगी।

सुरक्षा आकलन के आधार पर आवश्यकतानुसार अधिकारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए सशस्त्र गृहरक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। निर्णय लिया गया है कि सुरक्षा बलों पर होने वाला पूरा खर्च संबंधित नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत अपने बजट से वहन करेगी ताकि बजट की कमी सुरक्षा में बाधा न बने। हाल के दिनों में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने, सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने और राजस्व वसूली जैसे संवेदनशील अभियानों के दौरान नगर निकाय अधिकारियों को लगातार स्थानीय भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों के विरोध का सामना करना पड़ रहा था। 

डेहरी-डालमियानगर के ईओ विमल कुमार की हत्या ने इस खतरे को उजागर कर दिया जिससे पूरे राज्य के प्रशासनिक महकमे में आक्रोश का माहौल बन गया था। सरकार के इस निर्णय से अधिकारियों में सुरक्षा का विश्वास जगेगा और वे बिना किसी दबाव या भय के अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।